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जम्मू-कश्मीर सरकार का बयान- दो साल में 363 आतंकी समेत 721 लोग मारे गए, इनमें 162 सुरक्षाकर्मी

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बताया कि कानून एवं व्यवस्था और आतंकवाद संबंधी घटनाओं में 172 असैन्य लोग मारे गए हैं जबकि सीमा पर गोलाबारी में 24 असैन्य लोगों की जान गई है।

Author जम्मू | January 23, 2018 8:24 PM
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती। (फोटो सोर्स एक्सप्रेस फोटो और शोएब मसूदी)

जम्मू कश्मीर सरकार ने मंगलवार को बताया कि बीते दो बरस में कानून एवं व्यवस्था, आतंक संबंधी घटनाओं, सीमा पार से गोलाबारी की घटनाओं में 363 आतंकवादियों समेत 721 लोगों की मौत हुई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अली मोहम्मद सागर के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने विधानसभा को सूचित किया कि ऐसी घटनाओं में 162 पुलिस एवं सुरक्षाकर्मी तथा 196 असैन्य लोगों की मौत हुई है। महबूबा ने बताया कि कानून एवं व्यवस्था और आतंकवाद संबंधी घटनाओं में 172 असैन्य लोग मारे गए हैं जबकि सीमा पर गोलाबारी में 24 असैन्य लोगों की जान गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साल 213 और 2016 में 150 आतंकवादियों को मार गिराया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान 176 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि 2016 में 79 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016 में कानून एवं व्यवस्था और आतंकवाद संबंधी घटनाओं में 104 असैन्य लोग मारे गए थे जबकि 2017 में ऐसी घटनाओं में 68 असैन्य लोगों की जान गई थी।

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उन्होंने बताया कि 2016 में सीमापार से होने वाली गोलाबारी में 13 लोगों की मौत हुई थी जबकि 2017 में इसमें 11 लोग मारे गए। महबूबा ने बताया कि 23 मृतकों के परिजन को 23 लाख रुपए की राशि दी गई, 110 घायलों को 6.20 लाख रुपए दिए गए और इस दौरान सीमापार से होने वाली गोलाबारी में क्षतिग्रस्त हुए 165 ढांचों के लिए 43.66 लाख रुपए दिए गए।

वहीं दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार ने मंगलवार को कहा कि पिछले सप्ताह कठुआ जिले में आठ वर्षीय एक लड़की के अपहरण और हत्या के मामले की जांच राज्य पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई है। बीते 17 जनवरी को रस्साना जंगल से लड़की का शव बरामद किया गया था। घोड़े चराते समय एक सप्ताह पहले लड़की गायब हो गयी थी और उसकी हत्या का मामला विधानसभा में बार-बार उठा। विपक्षी पार्टियों ने इस मामले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

राजस्व एवं संसदीय मामलों के मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने राज्य विधानसभा को बताया कि हीरानगर में आसिफा की हत्या का मामला अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। पुलिस द्वारा गठित एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने इस मामले में 15 वर्षीय एक लड़के को गिरफ्तार किया था और दावा किया था कि लड़की द्वारा बलात्कार के प्रयास का विरोध करने पर आरोपी ने गला दबा कर उसकी हत्या कर दी।

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