UGC Protest News: केंद्रीय शिक्षा मंत्रलाय के अंतर्गत आने वाली यूजीसी द्वारा जारी इक्विटी के नए नियमों को वापस लेने को लेकर राजस्थान की राजधानी जयपुर में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नेतृत्व में इस विरोध प्रदर्शन के तहत एक रैली निकाली गई। रावण गेट से कलेक्ट्रेट सर्किल तक रैली के दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई और पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज भी किया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिसिया लाठीचार्ज के चलते सियासत भी गर्म हो गई। निर्दलीय विधायक रवींद्र सिंह भाटी से लेकर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस मुद्दे पर पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया का विरोध किया और प्रधानमंत्री तक बात पहुंचाने के लिए रवींद्र सिंह भाटी ने अपने एक्स पोस्ट में पीएमओ को भी टैग कर दिया।

पुलिस ने किया वाटर कैनन का प्रयोग

पुलिस ने यूजीसी नियमों के खिलाफ विरोध कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस विरोध प्रदर्शन में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। वहीं इस रैली में कथित तौर पर कई अन्य राज्यों से भी लोग शामिल हुए  

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने कालवाड़ पुलिया पर बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। वहीं करणी सेना के कार्यकर्ता बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। इसके बाद चौमूं पुलिया पर भी पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। इतना ही नहीं, डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के साथ भी प्रदर्शनकारियों ने जमकर धक्का-मुक्की की।

यूजीसी नियम वापस लेना की मांग

बारिश के बीच प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट सर्किल पहुंच गए। करणी सेना के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और केंद्र सरकार से यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग की। करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो जयपुर के बाद दिल्ली में इससे भी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

राजनेताओं का भी मिला साथ

प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा, “UGC Rollback की लड़ाई लड़ रहे हमारे साथियों पर वाटर कैनन-लाठियों से हमला भजनलाल व मोदी सरकार के अंत का कारण बनेगी भाजपा की तानाशाही अब हद्द पार कर चुकी है।” उन्होंने लिखा, “BJP जब से सत्ता में आई है, तब से उसने जनता को आपस में लड़ाने के अलावा कोई ठोस काम नहीं किया है। पहले धर्म के नाम पर लोगों को बांटकर अपनी सत्ता बनाए रखने की कोशिश की गई।”

प्रताप सिंह खाचरियावास ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “जब देश का युवा जागरूक हुआ, तो सरकार ने अपनी कुर्सी खतरे में देखकर UGC बिल लाकर युवाओं को जाति के नाम पर बांटने का प्रयास किया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में इस UGC बिल पर अंतरिम रोक लगा दी। अब बीजेपी सरकार इसे दोबारा लागू करना चाहती है। इसी के विरोध में हमारे युवा साथी महिपाल जी और हजारों युवाओं ने लगभग 500 किलोमीटर की पदयात्रा की है। आज जयपुर में इसके विरोध में शांतिपूर्ण मार्च का आयोजन किया गया है।”

कांग्रेस नेता बोले- तनावपूर्ण हो सकती है स्थिति

प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, “मैं राजस्थान की बीजेपी सरकार से कहना चाहता हूं कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को पुलिस बल के माध्यम से रोकने का प्रयास किया गया, तो इससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।” उन्होंने कहा, “देश में टकराव का माहौल किसी के हित में नहीं है। लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को शांतिपूर्ण ढंग से उठाने का अधिकार सभी को है।”

निर्दलीय विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने इस मुद्दे पर पीएमओ और सीएमओ को टैग करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “श्री राजपूत करणी सेना के नेतृत्व में अपनी जायज मांगों को लेकर जयपुर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज किया जाना अत्यंत निंदनीय है। असहमति की आवाज़ का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद और संवेदनशीलता से होना चाहिए।”

रविंद्र सिंह भाटी ने लिखा, “लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है।”

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परीक्षा पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से की गई ताजा टिप्पणी का कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्वागत किया है। पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन सौरव दास ने इसे देश के छात्रों और युवाओं के लिए ‘बड़ी जीत’ बताया। उन्होंने कहा कि अदालत के ओरल क्लेरिफिकेशन से यह साफ हो गया है कि राज्य सरकारें कानून के तहत एफआईआर वापस लेने, बंद करने या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए स्वतंत्र होंगी। पढ़िए पूरी खबर…