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गाय पकड़ने गया था सरकारी अमला, हुई जम कर मारपीट: बरसे पत्‍थर, चले लात-डंडे

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारी आए दिन उनके साथ गुंडागर्दी करते हैं। ये कर्मचारी अक्सर ही उनसे अवैध रूप से पैसों की वसूली करने आ जाते हैं। जब उन्हें वे पैसे नहीं देते हैं तो ये जबरन उनके पशुओं को जब्त करने लगते हैं।

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (Express Photo by: Mahim Pratap Singh)

जयपुर नगर निगम के कर्मचारी गुरुवार को बाइस गोदाम क्षेत्र में अवैध पशुओं को पकड़ने गए हुए थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने नगर निगम की पशु नियंत्रण शाखा के कर्मचारियों की इस कार्रवाई का विरोध किया। देखते-देखते मामला इतना आगे बढ़ गया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमलावर हो गए। बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने निगम कर्मियों को वहां से भगाने के लिए उन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस पर निगम के ठेका कर्मचारियों ने पत्थरबाजों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूसे भी चले। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी नगर निगम के कर्मचारियों ने ओडीएफ के लिए लोगों पर लाठियां चलाई थी जिसमें कई लोगों को चोटें आई थीं। हालांकि उस वक्त स्थानीय लोगों ने कर्मचारियों की इस हिंसक कार्रवाई का विरोध नहीं किया था क्योंकि मामला सफाई से जुड़ा हुआ था। लेकिन कहा जा रहा है कि इस बार निगम कर्मचारियों ने घरों से चल रही डेयरियों को अपना निशाना बनाया।

नगर निगम का एक दस्ता गुरुवार को बाइस गोदाम क्षेत्र में एक गो पालक के घर जाकर उसकी गायों को जब्त करने लगा। निगम की इस कार्रवाई का जब एक बुजुर्ग व्यक्ति ने विरोध किया तो कर्मचारियों ने उसकी बुरी तरह से पिटाई कर दी। इस पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने निगम कर्मचारियों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। लोगों की इस हिंसक प्रतिक्रिया पर निगम कर्मचारी भी आक्रामक हो गए। दोनों तरफ से हुई इस हिंसक घटना में कई लोग घायल हुए हैं और निगम की गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारी आए दिन उनके साथ गुंडागर्दी करते हैं। ये कर्मचारी अक्सर ही उनसे अवैध रूप से पैसों की वसूली करने आ जाते हैं। जब उन्हें वे पैसे नहीं देते हैं तो ये जबरन उनके पशुओं को जब्त करने लगते हैं। इसके अलावा उनकी (निगम) इस कार्रवाई का विरोध करने पर वे मारपीट भी करने लगते हैं। दूसरी तरफ, मेयर अशोक लाहोटी इस मामले को लेकर मीडिया से बाततीच की है। उनका कहना है कि यहां पर घर में गाय रखने कोई प्रावधान नहीं है। अगर किसी को घर में गाय रखनी है तो पहले उसे इसके लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना पड़ेगा। लाहोटी ने यह भी कहा कि आगे से इस बात का ध्यना रखा जाएगा कि ऐसी हिंसक घटना फिर से ना होने पाए।

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