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जयपुर साहित्य उत्सव आज से

दुनिया के बड़े साहित्य महोत्सवों में गिने जाने वाले जयपुर साहित्य उत्सव में पांच दिवसीय आयोजन में 222 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

Author जयपुर | January 22, 2016 1:07 PM
जयपुर साहित्य महोत्सव समारोह 2006 में शुरू हुआ था और तब से यहां 17वीं सदी के डिग्गी पैलेस में आयोजित होता रहा है। (फाइल फोटो)

कनाडाई कवि और उपन्यासकार मारग्रेट अटवुड, लोकप्रिय लेखक रस्किन बांड, अमेरिकी फोटोग्राफर स्टीव मैककरी, हार्वर्ड के इतिहासकार नियाल फरर्ग्युसन और ब्रिटेन के स्टीफन फ्राइ जैसे दिग्गज साहित्यकारों की मौजदूगी के साथ जयपुर साहित्य महोत्सव गुरुवार को यहां शुरू हो जाएगा। दुनिया के बड़े साहित्य महोत्सवों में गिने जाने वाले इस पांच दिवसीय आयोजन में 222 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। यह समारोह 2006 में शुरू हुआ था और तब से यहां 17वीं सदी के डिग्गी पैलेस में आयोजित होता रहा है।

हालांकि आयोजन शुरू होने से पहले इसमें कुछ विवाद का पुट भी शामिल हो गया और राजस्थान हाई कोर्ट ने आयोजन स्थल में बदलाव की एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने राज्य सरकार को साहित्योत्सव के लिए किए गए बंदोबस्त पर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट जमा करने को कहा है। पिछले कुछ सालों में इस आयोजन के दौरान काफी भीड़ के उमड़ने और यातायात की अव्यवस्था होने की वजह से याचिका दाखिल की गई है। पिछले साल पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के एक सत्र में सबसे ज्यादा भीड़ आई थी और आयोजकों को प्रवेश बंद करवाना पड़ा। जयपुर के पुलिस आयुक्त श्रीनिवास राव के अनुसार साहित्य महोत्सव के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा-‘हमने सुरक्षा के लिए सभी इंतजाम किए हैं। यातायात नियमन के लिए विशेष बंदोबस्त किए गए हैं।’

इस बीच साहित्योत्सव के सह-निदेशक इतिहासकार विलियम डेलरिंपल ने कहा कि उन्हें इस साल साहित्य पर और अधिक कवरेज की उम्मीद है। नमिता गोखले के साथ इस आयोजन के सह-निदेशक विलियम ने कहा-‘मुझे आशा है कि इस साल साहित्य को बनावटी विवादों के बजाय अधिक कवरेज मिलेगा।’ इस साल मुख्य संबोधन मारग्रेट अटवुड का होगा।
जयपुर साहित्य महोत्सव में दो कैरिबियाई लेखकों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें कविता के लिए फॉरवर्ड पुरस्कार जीतने वाले की मिलर और बुकर पुरस्कार विजेता मार्लन जेम्स शामिल हैं। कैरिबियाई साहित्य के अलावा साहित्योत्सव में इतिहास और विभाजन से जुड़े साहित्य पर भी बात होगी।

इस साल उत्सव के मुख्य वक्ताओं में मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम, इजराइली लेखक डेविड ग्रॉसमैन, बोस्नियाई अमेरिकी लेखक अलेक्जेंद्र हेमॉन, आयरिश लेखक कोम तोइबिन और औद्योगिक नीति व प्रचार विभाग के सचिव अमिताभ कांत शामिल हैं। साहित्य महोत्सव में लेखकों के अलावा अन्य क्षेत्रों के दिग्गज भी शिरकत करेंगे, जिनमें महात्मा गांधी की पौत्री तारा गांधी भट्टाचार्य, फ्रांसीसी अर्थशास्त्री थॉमस पिकेटी, गीतकार जावेद अख्तर और गुलजार, ब्रिटिश पुरातत्वविद साइप्रियन ब्रूडबैंक आदि हैं। साहित्योत्सव में 25 जनवरी को भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा अपनी जीवनी ‘एनीथिंग बट खामोश :द शत्रुघ्न सिन्हा बायोग्राफी’ के बारे में चर्चा करेंगे।

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