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JLF 2018: जयपुर साहित्य उत्सव आज से, 250 से ज्यादा सत्र

विश्व में अपनी पहचान बना चुका जयपुर साहित्य उत्सव गुरुवार से यहां शुरू होगा। शब्दों, कहानी, कविता और साहित्य से जुड़ीं कई जानी मानी हस्तियां इसमें शामिल होंगी।

विश्व में अपनी पहचान बना चुका जयपुर साहित्य उत्सव गुरुवार से यहां शुरू होगा। शब्दों, कहानी, कविता और साहित्य से जुड़ीं कई जानी मानी हस्तियां इसमें शामिल होंगी। साहित्य का यह मेला पूरे पांच दिन तक चलेगा और इसमें ढाई सौ से ज्यादा सत्र होंगे।साहित्य और उससे जुड़ी विभिन्न विधाओं के जानकार जयपुर साहित्य उत्सव में शामिल होकर शब्दों का जादू बिखेरेंगे। जयपुर के डिग्गी पैलेस में होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य और कला प्रेमी अपने पसंदीदा लेखकों को सुनने आते हैं। इस आयोजन में कई बार विवाद भी सामने आते रहे हैं। इस बार भी पद्मावत फिल्म से जुड़ा विवाद इस उत्सव पर मंडरा रहा है। इस बार उत्सव में सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी और फिल्मकार जावेद अख्तर के भी सत्र हैं। इन दोनों को लेकर राजपूत करणी सेना ने धमकी दे रखी है।

करणी सेना ने दोनों को जयपुर नहीं आने की चेतावनी दी है। इससे ही उत्सव के आयोजकों की परेशानी बढ़ गई है। प्रसून जोशी और जावेद अख्तर के आयोजन में हिस्सा लेने को लेकर अभी तक आयोजकों ने कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी है। उत्सव के इस 11वें आयोजन में इस बार भी कई चर्चित और विवादित हस्तियों के आने की सूचना है। इनमें अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई भी शामिल हैं। करजई 26जनवरी को दि ग्रेट सर्वाइवर सेशन में हिस्सा लेंगे और अपनी बात रखेंगे। इनके अलावा अनुराग कश्यप, गुरमेहर कौर, नयनतारा सहगल, जाकिर हुसैन जैसी हस्तियां भी उत्सव में शामिल होंगे।

जयपुर साहित्य उत्सव में अंग्रेजी भाषा के दबदबे से नाखुश प्रगतिशील लेखक संघ ने भी समानांतर साहित्य उत्सव का आयोजन इसी दौरान रखा है। संघ का उत्सव 27 से 29 जनवरी तक तीन दिन चलेगा। समानांतर साहित्य उत्सव में भारतीय भाषाओं के दमदार साहित्यकारों का जमावड़ा रहेगा। इस उत्सव के आयोजकों का दावा है कि उनका आयोजन किसी के विरोध में नहीं होकर देशी भाषाओं को बढ़ावा देने के मकसद से होगा। समानांतर साहित्य उत्सव के आयोजकों ने भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस आयोजन में हिंदी, राजस्थानी, उर्दू, पंजाबी और सिंधी भाषाओं के साहित्य लेखन पर मंथन के दौर चलेंगे। जयपुर में साहित्य के दो बडेÞ आयोजनों के चलते शहर में अलग तरह की धूम रहने के आसार हैं।

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