CJP Workers Attacked: राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित एक गांव में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की टीम पर हुए कथित हमले के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस घटना को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया है और सत्ताधारी दल पर निशाना साधा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय निवासियों ने घटना के पीछे की पूरी वजह बताई है।
सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों को लेकर राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कड़ी निंदा की। कांग्रेस नेता ने कहा कि हमला करने वाले आम ग्रामीण नहीं थे, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता थे।
एक अन्य ग्रामीण जुगल किशोर शर्मा कहते हैं, “हमने कुछ नहीं किया। वे अपने साथ 200-250 लोग लाए थे। हमने उन पर हमला नहीं किया। हमने उनसे शांति से बात की, लेकिन उन्होंने अपनी ही गाड़ी तोड़ दी। वे कहते हैं कि वे स्कूल की मरम्मत कराने आए थे। लेकिन यह काम हमारे विधायक करवाएंगे, इसके लिए 12 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। हमने विरोध किया क्योंकि हम भाजपा या कांग्रेस के अलावा किसी भी पार्टी को यहां नहीं आने देंगे। मेरी पत्नी इतनी डरी हुई है कि वह घर से बाहर नहीं निकली है।”
स्कूल बचाने के लिए हुई बहस और बवाल
सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों को लेकर स्थानीय निवासी अनु शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि ग्रामीण स्कूल को बचाने के लिए विरोध कर रहे थे। उनके अनुसार यह कोई सुनियोजित हमला नहीं था, बल्कि बातचीत के दौरान हुई एक तीखी बहस का अंजाम थी।
ग्रामीण अनु शर्मा ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा, ‘हमने उनका विरोध इसलिए किया क्योंकि वे इस स्कूल को गिराने की कोशिश कर रहे हैं। यहां करीब 20 से 25 बच्चे पढ़ाई करने आते हैं, स्कूल टूट गया तो वे कहां जाएंगे? हम उन्हें स्कूल नहीं गिराने देंगे। स्कूल की मरम्मत के लिए बजट पहले ही पास हो चुका है। वहां केवल तीखी बहस हुई थी।’
कांग्रेस नेता ने क्या-क्या कहा?
दूसरी ओर गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, ‘वे ग्रामीण नहीं थे, बल्कि BJP कार्यकर्ता थे। भाजपा कार्यकर्ता जनहित में होने वाले हर काम का विरोध करेंगे और वे केवल ऊपर से मिलने वाले आदेशों का ही पालन करेंगे। यदि किसी को स्कूल जाने से रोका जाता है या उस पर हमला किया जाता है, तो हम इसकी निंदा करते हैं। कांग्रेस हर उस व्यक्ति के साथ खड़ी रहेगी जो इस सरकार से तंग आ चुका है।’
हिंसा की कोई जगह नहीं
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस घटना को गलत ठहराते हुए शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है और सरकारी तंत्र अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश कर रहा है।
टीकाराम जूली ने कहा, ‘यह गलत है और मैं इसकी निंदा करता हूं। किसी भी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए। स्कूलों की असली स्थिति सामने आनी ही चाहिए। भारत में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। लोगों को अहिंसक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। स्कूलों की हालत खराब है, वे इसे छुपाना चाहते हैं और अपने पापों पर पर्दा डालना चाहते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाएंगे।’
कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने उठाए सवाल
मामले पर बोलते हुए कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि आवाज दबाने का यह रवैया नया नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की जनता और छात्र अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं और ऐसी घटनाओं को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।
कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने कहा, ‘वे सभी के साथ ऐसा ही करते हैं। उन्होंने बयान जारी करके संसद में आवाजों को दबाया। कल उन्होंने कांग्रेस को दबाने की कोशिश की। अगर सीजेपी या किसी भी संगठन के साथ ऐसा किया जाता है, तो देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। देश का हर छात्र अपने भविष्य और देश के लिए लड़ रहा है।’
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जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर शुक्रवार को बवाल हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ता राजकीय प्राथमिक स्कूल का जायजा लेने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। नाराज लोगों ने कई कार्यकर्ताओं और उनकी गाड़ियों पर हमला कर दिया। पढ़िए पूरी खबर…
