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करनाल: हादसे में साथी की मौत पर भड़के आइटीआइ के छात्रों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं

पुलिस के समझाने के बाद एक बार छात्र मान भी गए और प्रदर्शन खत्म कर वहां से चले गए। लेकिन कुछ देर बाद अचानक छात्रों की भीड़ वहां आ गई और पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।

Author Published on: April 13, 2019 3:57 AM
शुक्रवार को करनाल के आइटीआइ चौक पर प्रदर्शन और पत्थरबाजी के दौरान घायल दो छात्र। 

संजीव शर्मा

गुरुवार देर शाम करनाल के आइटीआइ चौक पर बस में सवार होने की कोशिश में एक छात्र के कुचले जाने की घटना के बाद गुस्साए छात्र शुक्रवार को पुलिस से भिड़ गए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस कर्मचारियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे दो डीएसपी, 15 पुलिसकर्मी और छह छात्र घायल हो गए। भीड़ को उग्र होता देख पुलिस ने एके 47 राइफल से हवा में गोलियां चलाईं, तब जाकर भीड़ वहां से भागी। पुलिस ने करीब 100 छात्रों को हिरासत में ले लिया।
आइटीआइ चौक पर गुरुवार को रिंडल गांव का छात्र निकित रोडवेज बस में चढ़ने का प्रयास कर रहा था, तभी अनियंत्रित होकर पिछले टायर के नीचे आ जाने से उसकी मौत हो गई थी। वह करनाल आइटीआइ में मोटर मैकेनिकल ट्रेड का प्रथम वर्ष का छात्र था।

शुक्रवार सुबह आठ बजे आइटीआइ के छात्रों ने इस हादसे के खिलाफ आइटीआइ चौक पर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। छात्रों को समझाने के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जब वे नहीं माने तो आसपास के थानों से पुलिस बल बुलाया गया। तब तक चौक पर जाम लग गया। पुलिस के समझाने के बाद एक बार छात्र मान भी गए और प्रदर्शन खत्म कर वहां से चले गए। लेकिन कुछ देर बाद अचानक छात्रों की भीड़ वहां आ गई और पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग की, लेकिन भीड़ उग्र होती चली गई। इसके बाद पुलिस को एके.47 राइफल से फायरिंग करनी पड़ी। इससे छात्रों की भीड़ आइटीआइ में घुस गई। पुलिस ने मोर्चा संभाला और आइटीआइ में घुस कर छात्रों पर लाठीचार्ज करते हुए करीब 100 छात्रों को हिरासत में ले लिया।

छात्रों की पत्थरबाजी में डीएसपी (हेडक्वार्टर) वीरेंद्र सैनी, डीएसपी राजीव कुमार जख्मी हो गए। वहीं 15 पुलिसकर्मी और 6 छात्र भी घायल हुए हैं। घायलों को निजी अस्पताल और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। डीएसपी सुरेंद्र सिंह भोरिया का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जो भी आरोपी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रिंसिपल बलदेव सिंह सगवाल ने बताया कि कहा गया है कि आइटीआइ में पुलिस ने स्टाफ सहित बच्चों पर लाठीचार्ज किया है, लेकिन यह गलत है। वहीं, डीएसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने कहा कि स्थिति को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा, क्योंकि आइटीआइ के छात्र पुलिसकर्मियों पर हमला कर रहे थे।

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