उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने में करीब चार महीने के बाकी हैं, लेकिन उससे पहले सभी राजनीतिक दलों में सीट शेयरिंग को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच रविवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस को साफ संदेश दिया है। हालांकि, उन्होंने अपनी पोस्ट में कांग्रेस या राहुल गांधी का जिक्र नहीं किया, लेकिन इशारों-इशारों में इतना जरूर कर दिया-“बात सीट की नहीं जीत की है।”

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को एक पोस्ट में कहा, “मक़सद जब साफ़ हो तो हाथ-में-हाथ होता है
निगाह मंज़िल पर हो तो सफ़र आसान होता है”

अखिलेश यादव ने लिखा, “बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।”

सपा चीफ ने लिखा, “फिर दोहराते हैं : बात सीट की नहीं जीत की है।”

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, “ये जीत हमारे गठबंधन के दलों से बढ़कर हम सबकी उस संयुक्त कोशिश की जीत होगी जो इसलिए लगातार संघर्षरत है कि साम्प्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके और लोकतंत्र-संविधान-आरक्षण पर भाजपाई आंच न आए और देश का सौहार्द फिर से खिलखिलाए, देश की तरक़्क़ी और ख़ुशहाली फिर से मुस्कुराए। जय संविधान-जय हिंदुस्तान!”

इमरान मसूद ने क्या कहा?

वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वर्किंग प्रेसिडेंट और सांसद इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी के जिताऊ फैक्टर वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव में विजय फैक्टर की गारंटी कोई नहीं दे सकता। हमें कोई अस्वीकार करेगा तो अस्तित्व के लिए लड़ेंगे। हमारी तैयारी पूरी होगी। 2017 चुनाव और 2027 में बड़ा फर्क है। पिछली बार से तुलना बेमानी होगा। देश में राहुल गांधी का माहौल है। मेरी राय प्रभारी जी की राय है। कांग्रेस को 150 से अधिक सीटें चाहिए। हमलोग मजबूती से लड़ेंगे, संगठन मजबूत है।

कांग्रेस के यूपी में हाल के चुनावों में खराब प्रदर्शन के सवाल पर जवाब देते इमरान मसूद ने कहा कि दो सीट से बीजेपी कहां तक पहुंची। AAP जीरो से 67 तक पहुंची। ये राजनीति है। ये परसेप्शन का खेल है। कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है, उतार चढ़ाव आता है। हम जितने के लिए लड़ेंगे।

इमरान मसूद ने कहा कि यूपी में हम सरकार बनाना चाहेंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि लोकसभा 2014 में समाजवादी को सिर्फ पांच सीट मिलीं, जबकि उनकी सरकार थी। 2019 में बीएसपी-समाजवादी पार्टी के गठबंधन में समाजवादी ने पांच सीटें जीती। वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में भारत जोड़ो यात्रा की झलक थी। 2024 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को ज्यादा सीटें कांग्रेस की वजह से मिली। ये आंकड़े कहते हैं। हम 6 सीटें जीते। कांग्रेस ने तब बड़ा दिल दिखाया था। पूरे देश में राहुल गांधी के नाम पर 2024 में चुनाव हुआ।

इमरान मसूद को कांग्रेस में बड़ा पद मिलने से सपा की बढ़ी टेंशन? समझिए क्यों सीट शेयरिंग पर पड़ेगा असर

साल 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनाव से पहले कांग्रेस ने यूपी में अपने संगठन में बदलाव किए हैं। इसके तहत ही कांग्रेस आलाकमान ने सहारनपुर के लोकसभा सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला लिया है। अपने गठबंधन के साथी के इस फैसले ने समाजवादी पार्टी को परेशान कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर।