ताज़ा खबर
 

स्थापना दिवस पर जश्न की खुमारी के बीच आम आदमी पार्टी को मिला आयकर विभाग का नोटिस

आम आदमी पार्टी (आप) के स्थापना दिवस पर जश्न की खुमारी उतरी भी नहीं थी कि आयकर विभाग ने पार्टी को झटका दे दिया। आयकर विभाग ने आप को 30.67 करोड़ रुपए का टैक्स नोटिस भेजा है।

Author नई दिल्ली | November 28, 2017 12:26 AM
अरविंद केजरीवाल

आम आदमी पार्टी (आप) के स्थापना दिवस पर जश्न की खुमारी उतरी भी नहीं थी कि आयकर विभाग ने पार्टी को झटका दे दिया। आयकर विभाग ने आप को 30.67 करोड़ रुपए का टैक्स नोटिस भेजा है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, पार्टी के सभी कर दस्तावेजों का आकलन करने के बाद नोटिस भेजा गया है। नोटिस में कहा गया है कि आप ने 13.16 करोड़ रुपए के मूल्य की आय का खुलासा नहीं किया है। इसमें कहा गया है कि पार्टी की कुल कर योग्य आय 68.44 करोड़ रुपए आंकी गई है, जो वित्त वर्ष 2014-15 और 2015-16 के दौरान की है। नोटिस में कहा गया है कि पार्टी ने कम से कम 461 दानदाताओं के पूरे ब्योरे दर्ज नहीं किए।

आप को पिछले वित्तीय वर्ष में मिले चंदे को आयकर के दायरे में लाने के आयकर विभाग के आदेश को पार्टी ने बदले की भावना से की गई अप्रत्याशित कार्रवाई बताया है। पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में किसी भी राजनीतिक दल के खिलाफ बदले की ऐसी कार्रवाई कभी नहीं की गई। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक ट्वीट में कहा कि देश के इतिहास में यह पहला मौका है जबकि किसी राजनीतिक दल को मिले तमाम चंदे को गैरकानूनी करार दे दिया गया हो। यह सारा पैसा बाकायदा खाते में दर्ज था। यह राजनीतिक बदले की भावना की इंतहा है। दूसरी ओर आप के कोषाध्यक्ष दीपक वाजपेयी ने आयकर विभाग के आदेश के हवाले से सोमवार को कहा कि पार्टी को वित्तीय वर्ष 2015 -2016 में चंदे को आयकर के दायरे में बताते हुए इस पर कर अदायगी का नोटिस जारी किया गया है।

वाजपेयी ने इसे अभूतपूर्व घटना बताते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत में शायद यह पहली बार हुआ होगा जब किसी किसी राजनीतिक दल के चंदे को गैरकानूनी बताते हुए कर योग्य आय बताया गया है। इसमें आप को दस रुपए से अधिक राशि के समूचे चंदे को कर के दायरे में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि आप ने राजनीतिक चंदे को पारदर्शी बनाने की पहल को आगे बढ़ाते हुए अपने एक-एक पैसे के चंदे को पहले ही सार्वजनिक किया है। उन्होंने इस कार्रवाई को केंद्र सरकार द्वारा विरोध की प्रत्येक आवाज को दबाने के लिए सरकारी एजंसियों के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

आयकर विभाग के नोटिस में आप को इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 34 बार समय देने के बावजूद कोई जवाब नहीं देने पर आयकर विभाग द्वारा 30 करोड़ रुपए का आयकर आकलन करने के सवाल पर वाजपेयी ने कहा कि आप के पास चंदे की पूरी राशि का हिसाब है। चंदे का हिसाब सार्वजनिक भी किया गया है जो कि किसी अन्य राजनीतिक दल ने नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह मामला अर्धन्यायिक संस्था के समक्ष विचाराधीन है इसलिए इसका उपयुक्त जवाब पार्टी कानूनी तरीके से ही देगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सहित देश के किसी भी हिस्से से किसी भी माध्यम से मिले दस रुपए तक के चंदे को नोटिस में कर योग्य राशि करार दिया है। यह अपने आप में अप्रत्याशित है और इससे स्पष्ट है कि यह बदले की भावना से की गई दमनकारी कार्रवाई है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App