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राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र में कई स्थानों पर आयकर विभाग ने मारा छापा, सीएम गहलोत के करीबी नेता भी शामिल

ये छापेमारी ऐसे समय में की जा रही है जब राजस्थान में सियासी संकट मंडरा रहा है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट की पार्टी से नाराजगी की खबरे हैं।

Jaipur Kota Delhi Mumbaiतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (PTI)

आयकर विभाग ने आभूषण के कारोबार से जुड़े राजस्थान के एक समूह के खिलाफ सोमवार (14 जुलाई, 2020) को कर चोरी मामले में दिल्ली और जयपुर समेत चार शहरों में छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली, जयपुर, मुंबई और कोटा में तड़के छापा मारा गया। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों समेत कम से कम 80 आयकर अधिकारियों ने छापा मारा।

उन्होंने बताया कि विभाग ने यह कार्रवाई बड़ी नकदी के लेन-देन से जुड़ी जानकारी मिलने और इस लेन-देन में इस समूह का कथित संबंध होने के कारण की। वहीं, राजस्थान में एक अन्य प्रतिष्ठान की भी तलाशी हो रही है। हालांकि आधिकारिक सूत्रों ने इस अभियान का संबंध राजस्थान के मौजूदा राजनीतिक संकट से होने के दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की।

मगर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएम अशोक गलतोत के करीबियों के यहां भी छापेमारी की जा रही है। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट कर बताया कि शक्ति प्रदर्शन के दिन अशोक गहलोत के करीबियों के यहां आयकर विभाग की छापेमारी हुई। उन्होंने कहा, ‘ये पब्लिक है सब जानती है।

दरअसल ये छापेमारी ऐसे समय में की जा रही है जब राजस्थान में सियासी संकट मंडरा रहा है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट की पार्टी से नाराजगी की खबरे हैं। सियासी संकट के बीच कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार सुबह यहां मुख्यमंत्री निवास पर होगी। इस बीच, राजस्थान विधानसभा में उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य की अशोक गहलोत सरकार को कोई दिक्कत नहीं होगी और भाजपा के किसी भी तरह के मंसूबे राज्य में कामयाब नहीं होंगे।

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बैठक राज्य में जारी मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच बुलाई गई है क्योंकि उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट खुलकर गहलोत के विरोध में आ गए हैं। पायलट ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा था कि वह बैठक में शामिल नहीं होंगे। पायलट ने यह भी दावा किया था कि कांग्रेस के 30 से अधिक विधायकों और कुछ निर्दलीय विधायकों द्वारा उन्हें समर्थन देने के वादे के बाद अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में है।

वहीं चौधरी ने मुख्यमंत्री निवास के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘आज का दिन तय कर देगा कि संख्या बल किसके पास है।’ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे ने रविवार देर रात कहा था कि 109 विधायकों ने गहलोत सरकार का खुलकर समर्थन किया है। चौधरी ने कहा, ‘आज यह संख्या और बढ़ेगी।’ उन्होंने कहा, ‘राज्य में कोई संकट या दिक्कत नहीं है।’ चौधरी ने कहा, ‘भाजपा के मंसूबे न तो राज्य में पूरे हुए हैं न होंगे।’ उल्लेखनीय है कि 200 सदस्यों की विधानसभा में कांग्रेस के 107 और भाजपा के 72 विधायक हैं। (एजेंसी इनपुट)

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