Israel Iran War Impact: खाड़ी देशों में शुरू हुए तनाव का असर हरियाणा और पंजाब के कारोबारियों पर पड़ सकता है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के बाद हरियाणा के चावल निर्यातकों को ईरान और अफगानिस्तान जाने वाली खेप में व्यवधान और भुगतान में देरी का डर सता रहा है। ईरान के सबसे बड़े बंदरगाह- बंदर अब्बास के रास्ते ईरान या अफगानिस्तान जाने वाली खेप रुक गई है। इससे हरियाणा से चावल भेजने वाले कारोबारियों पर प्रभाव पड़ना तय है।
भुगतान में भी देरी हो सकती है
चावल निर्यात संघ की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने रविवार को बताया कि व्यापार पर संघर्ष का कुछ असर पहले ही शुरू हो चुका है। स्थिति सुधरने तक यह खेप फंसी रहेगी, जिससे बाजार प्रभावित होगा। भुगतान में भी देरी हो सकती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रभाव का सटीक आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि संघर्ष कितने समय तक चलता है।
बासमती निर्यात के बारे में जैन ने बताया कि भारत के कुल वार्षिक निर्यात में हरियाणा का योगदान लगभग 35 फीसद है। करनाल के एक चावल मिल मालिक नीरज कुमार ने कहा कि कल संघर्ष शुरू होने के बाद से अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। महज एक दिन में व्यापार प्रभावित हुआ है, जिससे बासमती की दरों में लगभग चार-पांच रुपए प्रति किलोग्राम (400-500 रुपए प्रति कुंतल) की गिरावट आई है।
ईरान बासमती का सबसे बड़ा खरीदार
उन्होंने पिछले साल जून के ईरान-इजरायल संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी व्यापार प्रभावित हुआ था। उनके अनुसार, ईरान बासमती का हमारा सबसे बड़ा खरीदार है, जबकि इसका निर्यात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ओमान, यमन और इराक जैसे अन्य देशों में भी किया जाता है।
गौरतलब है अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई के बाद से जंग शुरू हो गई है। हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई की मौत के बाद से दोनों ओर से हमलों का दौर जारी है। जबकि, ग्लोबल लीडर खामनेई की मौत से विश्व के विभिन्न हिस्सों में मातम पसर गई है।
भारत के पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की मौत के मद्देनजर एक सप्ताह के राष्ट्रीय शोक की केंद्र सरकार से मांग की। विरोध में भाग लेने के लिए महिलाओं सहित बड़ी संख्या में मुसलमान मस्जिद के बाहर एकत्र हुए।
इधर, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने ईरान पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की निकासी के लिए कदम उठाने का रविवार का आग्रह किया। बादल ने कहा कि पश्चिम एशिया में पंजाब के लोग युद्ध क्षेत्र में फंस गए हैं। बादल ने कहा कि हवाई मार्ग खुलते ही इस संबंध में विशेष हवाई निकासी अभियान तुरंत शुरू किया जाना चाहिए।
