आईएसआई का प्लान: पंजाब में दंगे कराने के लिए कराओ आरएसएस नेताओं का कत्ल! isi instigate khalistani terrorist to create communal rift in punjab by killing hindu leader - Jansatta
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आईएसआई का प्लान: पंजाब में दंगे कराने के लिए कराओ आरएसएस नेताओं का कत्ल!

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी खालिस्तान समर्थित आतंकियों की मदद कर रही है।

Author नई दिल्ली | December 9, 2017 9:11 AM
RSS लुधियाना शाखा प्रभारी पर फायरिंग, बाल-बाल बचे। (फाइल फोटो)

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का नापाक इरादा सामने आ गया है। एजेंसी ने पंजाब में दंगा करवाने के लिए आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या कराने के उद्देश्य से खालिस्तान समर्थित आतंकियों की मदद की थी। खालिस्तानी आतंकियों के सरगनाओं ने गिरफ्तार संदिग्धों रमनदीप सिंह और हरदीप सिंह शेरा की न केवल आर्थिक मदद की थी, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण भी दिया था। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद पंजाब में हिंदू नेताओं की लगातार हो रही हत्याओं पर से रहस्य का पर्दा हटा है। आईएसआई की साजिश पंजाब में हिंदू-सिख दंगे करा कर राज्य को फिर से अस्थिर करना है। इस मामले में ब्रिटेन में रहने वाले आतंकियों की संलिप्तता भी सामने आई है।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार होने से पहले रमनदीप और हरदीप पंजाब में सात हिंदू और सिख नेताओं की हत्याएं कर चुके थे। गोपनीय दस्तावेजों के अनुसार, आतंकियों का उद्देश्य राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना और हिंदू समुदाय के बीच भय का माहौल पैदा करना था। यह सब आईएसआई द्वारा रची गई साजिश के तहत किया गया। गिरफ्तार दोनों आतंकी चोरी की बाइक से हमले को अंजाम देते थे। हत्या करने के बाद बाइक छोड़ देते थे। रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड ब्रिटिश नागरिक गुरशरणबीर सिंह को बताया गया है। उसने ही रमनदीप और हरदीप को लुधियाना के गुरुद्वारा दुख निर्वाण साहिब में मिलाया था। उसी ने दोनों को हिंदू नेताओं की हत्या करने को कहा था। गुरशरणबीर ब्रिटेन के कोवेंट्री में रहता है। उसने वर्ष 2009 में राष्ट्रीय सिख संगत के अध्यक्ष रुल्दा सिंह को मारने की साजिश रची थी। ब्रिटेन का ही रहने वाला परमजीत सिंह पम्मा उसका निकट सहयोगी था। भारत द्वारा सुबूत देने पर दोनों को गिरफ्तर किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया था। सूत्रों ने बताया कि पम्मा को वर्ष 2015 में पुर्तगाल में हिरासत में लिया गया था, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उसे छुड़ा लिया था।

रमनदीप सिंह को मोगा से गिरफ्तार किया गया था। उसने हरदीप के साथ मिलकर हिंदू नेताओं की हत्या करने की बात स्वीकारी है। हरदीप को सरहिंद से दबोचा गया था। पूछताछ में उसने गुरशरणबीर से प्रभावित होने की बात स्वीकार की है। इससे पहले वह आतंकी सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू के प्रभाव में आकर हत्याएं की थी। आईएसआई अतीत में भी खालिस्तानी आतंकियों की मदद कर चुकी है। इनमें वाधवा सिंह बब्बर, रणजीत सिंह नीता, परमजीत सिंह पंजवार, जगतार सिंह तारा जैसे आतंकी शामिल हैं। ननकाना साहिब आने वाले श्रद्धालुओं पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की विशेष निगाह रहती है। खुफिया एजेंसी खालिस्तानी आतंकियों को कनाडा, मलेशिया, थाईलैंड जैसे देशों में प्रशिक्षण दे चुकी है।

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