राजद से राजनीति की शुरुआत करने वाले सम्राट चौधरी अब बिहार में बीजेपी की पहली सरकार का नेतृत्व करेंगे। बीजेपी विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव सीनियर नेता विजय कुमार सिन्हा ने रखा।
मीडिया से बातचीत में विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्होंने भाजपा का सिपाही होने के नाते अपने कमांडर के आदेश के अनुसार सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव किया।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम भाजपा के एक सिपाही हैं। हमारी पार्टी की ये तीसरी और चौथी जनरेशन है। वर्षों-बरस तक जमीन पर मेहनत की, पसीना बहाया, लहू बहाया, बलिदान दिया। आज कमल खिलाने का अवसर आया… और मैंने भाजपा के सिपाही के नाते अपने कमांडर के आदेश के अनुसार, गठबंधन की राजनीति को लेकर चलने के लिए हमने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव किया है।”
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अमित शाह ने कहा था- सम्राट चौधरी को ‘बड़ा आदमी’ बनाएंगे
बिहार की राजनीति में इस बदलाव के संकेत पिछले वर्ष नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान ही मिल गए थे, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक चुनावी सभा में कहा था कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ”बड़ा आदमी” बनाया जाएगा।
सम्राट चौधरी के पिता कौन थे?
सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी एक पूर्व सैनिक थे। बाद में वो राजनीति में आ गए। शकुनी चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी और बाद में अलग-अलग समय में लालू प्रसाद तथा नीतीश कुमार के साथ जुड़े रहे।
सम्राट चौधरी कब बीजेपी में शामिल हुए?
सम्राट चौधरी ने साल 2017 में बीजेपी का दामन थामा। इससे पहले वह एक दशक से अधिक समय तक राजद में रहे और करीब दो वर्ष तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पार्टी जदयू में भी रहे। सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री के रूप में की थी।
राजद के वर्ष 2005 में सत्ता से बाहर होने के बाद भी वह लंबे समय तक इस पार्टी के साथ बने रहे, लेकिन 2014 में एक बागी धड़े के साथ जद(यू) में शामिल हो गए, जब जीतन राम मांझी राज्य के मुख्यमंत्री थे। तीन वर्ष बाद उन्होंने जद(यू) छोड़कर बीजेपी का रुख किया, यहां उन्हें एक प्रभावशाली वक्ता और कोइरी समुदाय के प्रमुख नेता के रूप में पहचान मिली।
कोइरी जाति से आने वाले बिहार के दूसरे मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी कोइरी समुदाय से आने वाले बिहार के दूसरे मुख्यमंत्री होंगे। इससे पहले 1968 में सतीश प्रसाद सिंह इस समुदाय से मुख्यमंत्री बने थे, जिनका कार्यकाल मात्र पांच दिन का रहा था। अब शीर्ष पद पर पहुंचने के बाद सम्राट चौधरी के सामने बिहार में भाजपा को एक मजबूत राजनीतिक आधार के रूप में स्थापित करने की चुनौती होगी।
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सम्राट चौधरी बिहार के अगले सीएम होंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उनकी सरकार में जदयू खेमे से दो नेताओं को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
