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मदर्स-डे पर जुड़वा बच्चियों की मां बनीं इरोम शर्मिला, AFSPA के खिलाफ 16 साल तक की थी भूख हड़ताल

अपने संघर्ष के चलते आयरन लेडी के नाम से मशहूर हुईं शर्मिला ने कहा, 'पहली बेटी निक साखी का नाम मेरी मां इरोम साखी के नाम पर रखा गया। उनका कुछ दिनों पहले ही निधन हो गया। काश उन्हें यह पता चलता। काश मैं उन्हें फोन करके इस बारे में बता पाती।'

Author , May 13, 2019 11:38 AM
16 साल भूख हड़ताल करने वाली इरोम शर्मिला (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट (आफ्सपा) के खिलाफ 16 साल तक भूख हड़ताल करने वाली मणिपुर की इरोम शर्मिला ने ‘मदर्स-डे’ पर दो बेटियों को जन्म दिया। बेंगलुरू के क्लाउडनाइन अस्पताल में डिलिवरी हुई। 46 साल की शर्मिला को अगस्त 2016 में अनशन खत्म करने के बाद से ही बेंगलुरु के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शर्मिला और उनके पति डेसमंड कुटिन्हो ने बच्चियों को निक्स साखी और ऑटम तारा नाम दिए हैं।

जुड़वा बच्चियों को जन्म देने के करीब 12 घंटे बाद इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में शर्मिला ने कहा, ‘यह नई जिंदगी है, मेरे लिए नई शुरुआत है। मैं बहुत खुश हूं। डेसमंड और मेरी कोई च्वॉइस नहीं थी हम बस स्वस्थ बच्चे चाहते थे।’ दिल की बीमारी से पीड़ित अपने पति की तरफ इशारा करते हुए शर्मिला ने कहा, ‘मेरी बेटियां मदर्स डे के दिन आई हैं, इससे मैं डबल खुश हूं। मुझे लगता है यह बेहद खास है।’

अपने संघर्ष के चलते आयरन लेडी के नाम से मशहूर हुईं शर्मिला ने बताया, ‘पहली बेटी निक साखी का नाम मेरी मां इरोम साखी के नाम पर रखा गया। उनका कुछ दिनों पहले ही निधन हो गया। मैं अपनी मां के बेहद करीब थी। मुझे अपनी मां की बहुत याद आ रही है। काश उन्हें यह पता चलता। काश मैं उन्हें फोन करके इस बारे में बता पाती।’

उन्होंने बताया, ‘निक्स नाम मेरे पति ने रखा। लैटिन भाषा के इस शब्द का अर्थ ‘बर्फ’ होता है। वो चाहते हैं कि हमारी बेटी बर्फ की तरफ शांत रहे। दूसरी बेटी का नाम बौद्ध देवी के नाम पर रखा गया है।’

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नवंबर 2000 में प्रदर्शन शुरू करने के बाद शर्मिला को इंफाल के जेएनआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हाल ही में उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़कर सियासत में उतरने की भी कोशिश की लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के खिलाफ थोबाल सीट से हार का सामना करना पड़ा। उन्हें इस चुनाव में सिर्फ 90 वोट मिले थे, जिन लोगों के लिए वो 16 साल लड़ीं, उनसे ऐसा समर्थन मिलने पर वे दुखी हो गईं।

शर्मिला का इलाज करने वाले डॉक्टर श्रीपद विनेकर ने बताया कि मां और बेटियां दोनों स्वस्थ हैं। दोनों को अगले दो दिनों में अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। दोनों बच्चियों का जन्म के समय वजन 2.1 किलोग्राम था।

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