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स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत करते बोले प्रधानमंत्री, कहा- ‘आयुष्मान भारत’ है सबका साथ-सबका विकास

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना कितनी व्यापक है इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि कैंसर, दिल की बीमारी, गुर्दे और लीवर की बीमारी, मधुमेह समेत 1300 से अधिक बीमारियों का इलाज इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि इन गंभीर बीमारियों का इलाज सरकारी ही नहीं बल्कि अनेक प्राइवेट अस्पतालों में भी किया जा सकेगा।

Author September 24, 2018 2:59 AM
‘आयुष्मान भारत’ की शुरुआत पर प्रधानमंत्री को एक पेंटिंग भेंट करते झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई)- आयुष्मान भारत की शुरूआत की और इसे गरीबों की सेवा के लिए एक अभूतपूर्व कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य योजना रविवार से लागू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएमजेएवाई-आयुष्मान भारत दुनिया में सबसे बड़ी सरकार प्रायोजित स्वास्थ्य योजना है। अगर आप अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको, इन तीनों देशों की आबादी को भी जोड़ दें, तो उनकी कुल संख्या इस योजना के लाभार्थियों की संख्या के करीब ही होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना संप्रदाय, जाति, ऊंच-नीच के आधार पर योजना नहीं होगी। व्यक्ति चाहे किसी भी जाति से हो, किसी भी बिरादरी से हो, किसी भी संप्रदाय से हो, इसमें कोई भेदभाव नहीं होगा। सभी को आयुष्मान भारत का लाभ मिलेगा और यही ‘सबका साथ, सबका विकास’ है। उन्होंने कहा कि जब से देश आजाद हुआ, लोग ‘गरीबी हटाओ’ के नारे सुनते आए। गरीबों के नाम पर राजनीति करने के बजाय गरीबों के सशक्तीकरण पर बल दिया जाता, तो देश वैसा नहीं होता जैसा आज है। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों को यह एहसास नहीं था कि गरीबों का भी आत्मसम्मान और गरिमा है। उन्होंने कहा कि मैंने गरीबों के जीवन को देखा है और जीया है। इसलिए मैं उनके जीवन में आत्मसम्मान और गरिमा के महत्व को जानता हूं। मैंने उनके सपनों को पूरा करने और उनकी गरिमा को बनाए रखने के लिए अपनी तरफ से भरपूर प्रयास किए। यह भाजपा सरकार ही है जो उन्हें (गरीब लोगों) सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो राज्य इस योजना से जुड़े हैं, उनमें रहने वाले व्यक्ति किसी भी राज्य में जाएं, उन्हें इस योजना का लाभ मिलता रहेगा। अभी तक देशभर के 13,000 से अधिक अस्पताल इससे जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना कितनी व्यापक है इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि कैंसर, दिल की बीमारी, गुर्दे और लीवर की बीमारी, मधुमेह समेत 1300 से अधिक बीमारियों का इलाज इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि इन गंभीर बीमारियों का इलाज सरकारी ही नहीं बल्कि अनेक प्राइवेट अस्पतालों में भी किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को सुधारने के लिए समग्र तरीके से कार्य कर रही है। एक तरफ सरकार वहनीय स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान दे रही है, तो वहीं दूसरी ओर रोकथाम पर आधारित स्वास्थ्य सेवा पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से दो महापुरुषों का नाता जुड़ा है। अप्रैल में जब योजना का पहला चरण शुरू हुआ था तो उस दिन बाबा साहेब आंबेडकर का जन्मदिन था। अब इसी कड़ी में, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, दीन दयाल उपाध्याय जी के जन्मदिवस से दो दिन पहले शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में सरकारी धन से इतनी बड़ी योजना किसी भी देश में नहीं चल रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को, गरीब से भी गरीब को इलाज मिले, स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा मिले, आज इस विजन के साथ बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत के संकल्प के साथ, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आज से लागू हो रही है। आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पांच लाख रुपए तक का जो खर्च है उसमें अस्पताल में भर्ती होने के अलावा जरूरी जांच, दवाई, भर्ती से पहले का खर्च और इलाज पूरा होने तक का खर्च भी शामिल है। उन्होंने बताया कि अगर किसी को पहले से कोई बीमारी है तो उस बीमारी का भी खर्च इस योजना द्वारा उठाया जाएगा। इस बारे में 14555 नंबर पर फोन करके या फिर अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर भी योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने यहां पर 10 वेलनेस केंद्रों का भी शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि अब झारखंड में करीब 40 ऐसे सेंटर्स काम कर रहे हैं और देशभर में इनकी संख्या 2300 तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि अगले चार वर्षों में देशभर में ऐसे डेढ़ लाख वेलनेस सेंटर तैयार करने का लक्ष्य है। उन्होंने सभी लोगों से इस योजना को सफल बनाने एवं स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में योगदान करने की अपील की। उन्होंने राज्य के चाईबासा और कोडरमा में दो मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला भी रखी।

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