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1971 के युद्ध और शेख मुजीब पर मिलकर फिल्में बनाएंगे भारत और बांग्लादेश

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 1971 के बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम पर आधारित वृत्तचित्र का निर्माण भारत और बांग्लादेश संयुक्त रूप से करेंगे।

Author नई दिल्ली | August 18, 2016 4:37 AM
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 1971 के बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम पर आधारित वृत्तचित्र का निर्माण भारत और बांग्लादेश संयुक्त रूप से करेंगे।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 1971 के बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम पर आधारित वृत्तचित्र का निर्माण भारत और बांग्लादेश संयुक्त रूप से करेंगे। साल 2020 में बांग्लादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की 100वीं जयंती के मौके पर ‘बड़ी फिल्म’ के निर्माण में भी भारत सहयोग देगा। सूचना तथा प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू और बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसन उल हक इनू के बीच यहां हुई बैठक के दौरान भारत ने यह भी कहा कि आॅल इंडिया रेडियो बांग्लादेश और बंगाली अप्रवासियों के लिए 23 अगस्त को ‘आकाशवाणी मैत्री’ नाम से विशेष सेवा शुरू करेगा। इस चैनल को भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी लॉन्च करेंगे और यह ‘दोनों देशों के बीच मित्रता के सेतु’ की तरह काम करेगा।
सूचना तथा प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य के मुताबिक नायडू ने सुझाव दिया है कि 1971 के बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम पर वृत्तचित्र के निर्माण के लिए फिल्म डिवीजन, डीडी और अन्य सरकारी मीडिया इकाइयों के पास उपलब्ध अभिलेखागार सामग्री का पूरा इस्तेमाल किया जाएगा।

यह वृत्तचित्र बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम को समर्पित होगा जिसके 50 साल 2021 में पूरे हो जाएंगे। बैठक में नायडू ने यह भी कहा कि आतंकवाद से मुकाबले में सूचना का प्रसार बेहद जरूरी है क्योंकि भारत और बांग्लादेश दोनों ही आतंकवाद की समस्या से जूझ रहे हैं। नायडू ने कहा, ‘सही समय पर दी गई सही जानकारी अफवाहों को फैलने से रोकेगी और साथ ही सहयोग और लोगों के बीच आपसी समझ को भी विकसित करेगी।’ वार्ता के दौरान भारत और बांग्लादेश ने संयुक्त आॅडियो-विजुअल सहनिर्माण समझौते पर काम करने पर सहमति बनाई है।

भारतीय फिल्म समारोह के बांग्लादेश में आयोजन और बांग्लादेशी फिल्म समारोह के भारत में आयोजन पर भी सहमति बनी है। बांग्लादेश के मंत्री ने प्रमतेश बरूआ द्वारा 1935 में निर्देशित बंगाली फिल्म देवदास का सैल्यूलाइड संस्करण उपलब्ध करवाने के नायडू के आग्रह को भी स्वीकार कर लिया गया है। इससे पहले बांग्लादेश ने एनएफएआइ को फिल्म का डीवीडी संस्करण उपलब्ध करवाया था। दोनों देशों के बीच मुक्त फिल्म व्यापार को सुविधाजनक बनाए जाने के मसले पर नायडू ने कहा कि बांग्लादेश कानूनी नियमों में ढील देने पर विचार कर सकता है। इन नियमों के तहत देश में एक निश्चित संख्या में ही भारतीय फिल्में आ सकती हैं।

नायडू ने भारतीय फिल्म एवं प्रशिक्षण संस्थानों में बांग्लादेश के युवा फिल्म निर्माताओं और उद्यामियों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव भी दिया। उन्होंने बताया कि एनएफडीसी तथा बांग्लादेश फिल्म विकास निगम के बीच फिल्मों के संयुक्त निर्माण के लिए और एनएफएआइ तथा बांग्लादेश फिल्म अभिलेखागार के बीच डिजिटलीकरण तथा पुरालेखन के लिए सहयोगपूर्ण उपायों की शुरुआत की जा सकती है। मंत्रियों के बीच मीडियाकर्मियों के लिए क्षमता निर्माण तथा प्रशिक्षण कार्यशालाओं, सूचना तथा प्रसारण से जुड़े अधिकारियों के लिए एक्सचेंज कार्यक्रम और डीडी तथा बांग्लादेश में इसके समकक्ष के बीच कार्यक्रमों के लेन-देन पर भी सहमति बनी है।

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