सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संतोष पंडित को पुणे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। संतोष सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दों को हाईलाइट करने वाले अपने वीडियो के लिए जाने जाते हैं। उनके खिलाफ उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, एक महिला कॉर्पोरेटर और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बारे में अभद्र बातें करने वाले वीडियो को लेकर दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे।

संतोष को रात में किया गया गिरफ्तार

संतोष पंडित ने VIP काफिलों और सिविक मिसमैनेजमेंट के खिलाफ बोलने के लिए बड़ी फैन फॉलोइंग बनाई है। उन्हें कोथरुड में उनके घर से रात करीब 1 बजे उठाया गया, इसके तुरंत बाद कोथरुड पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ दूसरी FIR दर्ज की गई। संतोष पंडित के खिलाफ पहला केस पहले डेक्कन पुलिस स्टेशन में भंडारकर रोड के रहने वाले बीजेपी कॉर्पोरेटर सुनील पांडे की शिकायत के बाद दर्ज किया गया था। इसके बाद कोथरुड पुलिस स्टेशन में एक 36 साल की महिला, जो एक सफाई कर्मचारी है, उसने दूसरी शिकायत दर्ज कराई।

महिला को शिकायत के अनुसार उसे संतोष पंडित का एक YouTube वीडियो मिला जिसमें उसने चंद्रकांत पाटिल और एक महिला कॉर्पोरेटर के बारे में टिप्पणी की थी और चेतावनी दी थी कि अगर दोनों ने दो दिनों के अंदर उसके सवालों का जवाब नहीं दिया, तो वह उन्हें सबके सामने बेइज्जत करेगा।

महिला ने शिकायत में क्या कहा?

शिकायत करने वाली महिला ने कहा कि उसे एक और वीडियो मिला जिसमें संतोष पंडित ने राज्य में सड़क पर तारकोल बिछाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल करते हुए गंदी भाषा का इस्तेमाल किया था। उसने पुलिस को बताया कि दोनों वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा से उसे बेइज्जती और बुरा लगा, जिसके बाद उसने कोथरुड पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने संतोष पंडित के खिलाफ एक महिला की इज्जत खराब करने का केस दर्ज किया।

संतोष को उसके कोथरुड वाले घर से गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के सेक्शन 75(1)(iv), 75(3), 356(2) और 352 के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के सेक्शन 67 के तहत FIR दर्ज की गई, जो इलेक्ट्रॉनिक तरीके से गंदी चीजें पब्लिश करने से जुड़ा है। हालांकि आधी रात को गिरफ्तारी की खबर से ऑनलाइन रिएक्शन शुरू हो गए, और संतोष पंडित के कई फॉलोअर्स उनके पीछे खड़े हो गए। उनके वीडियो, जिन्हें अक्सर लाखों व्यूज़ मिलते हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर की नाकामियों को दिखाने और सरकारी अधिकारियों को ज़िम्मेदार ठहराने के लिए पॉपुलर हैं। समर्थकों का कहना है कि उनके ट्रैक रिकॉर्ड से उनकी गिरफ्तारी का समय और तरीका शक के घेरे में है।

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गवांडे उन लोगों में से थे जिन्होंने पुलिस एक्शन की आलोचना की। उन्होंने कहा, “एक्टिविस्ट संतोष पंडित की रात 1:00 बजे की गिरफ्तारी पॉलिटिकल धमकी और पुलिस की बड़ी दखलअंदाज़ी का एक टेक्स्टबुक केस है। लगाए गए हर चार्ज में ज़्यादा से ज़्यादा 3 साल या उससे कम की सज़ा हो सकती है, जिसका मतलब है कि BNSS के सेक्शन 35 और सुप्रीम कोर्ट की जरूरी अर्नेश कुमार गाइडलाइंस के तहत, पहले से दी गई जानकारी पर कोई मोलभाव नहीं हो सकता था। किसी ऐसे व्यक्ति पर आधी रात को रेड करने के लिए सही प्रोसेस को बायपास करना, जिसका असली जुर्म सिर्फ़ सिविक डेवलपमेंट पर वायरल सवाल उठाना और सरकार की आलोचना करना है, पूरी तरह से मंज़ूर नहीं है। मैं इस मामले पर DCP क्राइम गौहर हसन को फॉर्मली लिख रहा हूं। पुणे पुलिस एक सम्मानित, प्रोफेशनल फोर्स है, लेकिन अगर अधिकारी सिर्फ राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों को हथियार बनाने का फैसला करते हैं, तो हम उन्हें सीधे हाई कोर्ट में कंटेम्प्ट प्रोसिडिंग के तहत घसीटेंगे।”

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महाराष्ट्र के नासिक जिले में चल रहे आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल 12वें दिन पहुंच गई है। इस दौरान गुरुवार रात को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके जिले के ईदगाह ग्राउंड जाकर विरोध कर रहे आदिवासी छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने वहां छात्रों से बातचीत की और उनकी परेशानियां सुनीं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक