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योगी सरकार के मंत्री सतीश महाना ने पिछली सरकार की ‘फिजूलखर्ची’ पर जताई नाराजगी

उप्र के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई कई परियोजनाओं को फिजूलखर्ची करार दिया।

Author नोएडा | May 12, 2017 1:00 AM
उप्र के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना के नोएडा दौरे के मद्देनजर प्राधिकरण अधिकारियों ने विकासशील परियोजनाओं पर अपना होमवर्क किया है।

उप्र के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई कई परियोजनाओं को फिजूलखर्ची करार दिया। हालांकि 70 फीसद से ज्यादा तैयार चुकी परियोजनाओं का काम नहीं रोकने की बात कही, लेकिन पूरा होने के बाद समीक्षा को जरूरी बताकर अफसरों रक्तचाप बढ़ा दिया है। वहीं, फ्लैट खरीदारों के हित में रेरा लागू करने और डिफाल्टर (दागी) बिल्डरों को जेल भेजने की भी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं परियोजनाओं पर काम किया जाना चाहिए, जिनकी जरूरत शहरवासियों को हो। विगत सरकारों के कार्यकाल के विपरीत किसी व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने वाली परियोजनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाने की वकालत की। शहर में बस डिपो होने के बावजूद सिटी बस टर्मिनल को फिजूलखर्ची बताया।
गुरुवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली समीक्षा, बैठक और मुलाकातों के बीच मास्टर प्लान 2021 और 2031 में पुनरविचार किए जाने का इशारा किया। साथ ही पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के लिए शहर के खाली पड़े औद्योगिक, आवासीय, वाणिज्यिक भूखंडों का लैंड बैंक और जानकारी वेब साइट पर डालने को कहा। ताकि आबंटन से पहले पूरी जानकारी आम लोगों के पास हो।
नक्शा या कंप्लीशन प्रमाण पत्र के लिए लोगों को बेवजह कार्यालयों के चक्कर काटने से रोकने के लिए एक ही बार में पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए। 24 मई से 10-10 बिल्डरों को कंप्लीशन प्रमाण पत्र जारी करने को कहा। साथ ही बकाया भुगतान के चलते कंप्लीशन प्रमाण पत्र का आवेदन नहीं करने वाले बिल्डरों को जांच के बाद 25 फीसद तक की छूट दिए जाने की बात कही। बिल्डरों की संस्था क्रेडाई ने सरकारी अड़चनों के चलते काम रुके रहने की एवज में जीरो पीरिएड घोषित करने की मांग की। इसके लिए मंत्री ने शासन स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया। साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सफाई पर एक घंटा रोजाना समय देने के निर्देश दिए।

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