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पार्टी महाधिवेशन में कांग्रेस ने दिए अगले आम चुनाव की तैयारियों के संकेत

दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में हो रहे कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन के दूसरे दिन शनिवार को लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राजनीतिक संकल्प पेश किया। इस संकल्प पर चली करीब तीन घंटे की चर्चा के बाद ध्वनिमत से इसे मंजूरी दे दी गई। इसमें पार्टी ने सहयोगी दलों से गठबंधन करने का स्पष्ट संकेत दिया।

कांग्रेस के महाधिवेशन में सोनिया गांधी के भाषण के बाद उन्हें गले लगाते राहुल गांधी।

कांग्रेस 2019 के आगामी आम चुनावों में समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करेगी। पार्टी के 84वें महाधिवेशन में पारित किए गए राजनीतिक संकल्प में कहा गया है कि कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ सहयोग के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाएगी और भाजपा-आरएसएस को हराने के लिए साझा व्यवहारिक कार्यप्रणाली विकसित करेगी। पार्टी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की विश्वसनीयता को लेकर उठाए जा रहे सवालों के मद्देनजर मतपत्रों की पुरानी चुनाव प्रणाली को दोबारा से बहाल करने की जरूरत बताई है। पार्टी ने लोकसभा व विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव को संवैधानिक दृष्टि से अनुचित व अव्यावहारिक करार दिया है और इस पर राष्ट्रीय सहमति बनाने की बात कही है।

दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में हो रहे कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन के दूसरे दिन शनिवार को लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राजनीतिक संकल्प पेश किया। इस संकल्प पर चली करीब तीन घंटे की चर्चा के बाद ध्वनिमत से इसे मंजूरी दे दी गई। इसमें पार्टी ने सहयोगी दलों से गठबंधन करने का स्पष्ट संकेत दिया। संकल्प में ईवीएम को लेकर कहा गया, ‘जनमत के विपरीत, परिणामों में हेराफेरी करने के लिए ईवीएम के दुरुपयोग को लेकर राजनीतिक दलों और आम लोगों के मन में भारी आशंकाएं हैं। निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग को मतपत्र के पुराने तरीके को फिर से लागू करना चाहिए, क्योंकि अधिकांश प्रमुख लोकतंत्रों ने ऐसा ही किया है।’
कांग्रेस संसदीय दल की नेता व संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अपने संबोधन में आगामी आम चुनावों में विभिन्न दलों से कांग्रेस के गठबंधन के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि जब वर्ष 1998 में कांग्रेस का अधिवेशन पंचमढ़ी में हुआ तो पार्टी ने फैसला किया कि वह अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेगी लेकिन वर्ष 2003 में शिमला के चिंतन शिविर में तय किया गया कि समान विचारधारा वाले दलों के साथ सहयोग किया जाए और उसका परिणाम हुआ कि वर्ष 2004 में यूपीए को बड़ा जनादेश मिला।

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कांग्रेस के राजनीतिक संकल्प में मनमोहन सिंह की अगुआई वाली यूपीए की लगातार दो सरकारों की उपलब्धियों को गिनाया गया। साथ ही पार्टी ने संसद व विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि वे 2019 के चुनाव से पहले ही संसद में महिलाओं को आरक्षण देने संबंधी विधेयक को मंजूरी दिलाए। पार्टी ने युवाओं को राजनीतिक नेतृत्व सौंपने का समर्थन करते हुए राजग सरकार द्वारा उन्हें रोजगार देने में पूरी तरह असफल रहने का आरोप लगाया है। पार्टी ने सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते हुए अपने राजनीतिक संकल्प में दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर हुए अत्याचार की निंदा की है और आरोप लगाया है कि सरकार में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग हिंसक हरकतों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का समर्थन करती है।

पार्टी ने आरएसएस-भाजपा पर संविधान के बुनियादी सिद्धांतों पर हमले करने का आरोप लगाया है। साथ ही रफाल लड़ाकू विमान सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विभिन्न बैंक घोटालों के मामलों को भी उठाते हुए मांग की कि भगोड़ों का प्रत्यर्पण कराया जाए और उन पर मुकदमा चलाया जाए। पार्टी ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग का समर्थन किया है। पार्टी ने न्यायपालिका में ‘घबराहट’ के माहौल का हवाला देते हुए न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और इसे निहित स्वार्थों के घातक हमलों से बचाने के लिए इस मुद्दे के तुरंत समाधान की मांग की है।

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