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India’s Got Talent 8 : ताश ‘हराम’ बता घरवालों ने 2 साल तक नहीं की थी बात, अब बेटा बना देश का ‘टैलेंट’

इंडियाज गॉट टैलेंट 8 के विनर जावेद खान ने सिर्फ यही लफ्ज कहे, ‘‘मैं शो में जादू दिखाने आया था, लेकिन अब लग रहा है कि मेरे साथ ही कोई जादू हो गया।’’ मुंबई निवासी जावेद यह शो जीतने वाले पहले जादूगर हैं। इनाम में उन्हें 25 लाख रुपए और एक कार मिली है।

Author December 30, 2018 2:34 PM
इंडियाज गॉट टैलेंट 8 के विनर जावेद खान। फोटो सोर्स : इंडियन एक्सप्रेस

उनका सफर इतना आसां भी नहीं था। हालात इतने बुरे तक रहे कि घरवालों ने उनसे 2 साल तक बात भी नहीं की। हर दर्द सिर्फ इसलिए सहते रहे कि किसी दिन जरूर कुछ कर दिखाएंगे। यह किस्सा है इंडियाज गॉट टैलेंट 8 के विनर जावेद खान का। विजेता घोषित होने के बाद जावेद ने सिर्फ यही लफ्ज कहे, ‘‘मैं शो में जादू दिखाने आया था, लेकिन अब लग रहा है कि मेरे साथ ही कोई जादू हो गया।’’ मुंबई निवासी जावेद यह शो जीतने वाले पहले जादूगर हैं। इनाम में उन्हें 25 लाख रुपए और एक कार मिली है।

इतने ज्यादा नाराज हो गए थे घरवाले : ऑफिस के एक इवेंट में कार्ड ट्रिक से तारीफ बटोरने के बाद जावेद का मन इस जादू में रमने लगा था। इसके बाद उनकी जेब में हर वक्त ताश रहते और वे यूट्यूब से तरह-तरह की कार्ड सीखते रहते। एक दिन घरवालों ने ताश देखकर समझा कि वे जुआ खेलते हैं। उन्हें इस्लाम में ताश ‘हराम’ होने का हवाला भी दिया गया, लेकिन जावेद रुकने के लिए तैयार नहीं हुए। ऐसे में घरवालों ने उनसे करीब 2 साल तक बात नहीं की।

ऑनलाइन विडियो से सीखा जादू : जावेद मूलरूप से सिरोही (राजस्थान) के रहने वाले हैं। वे कहते हैं, ‘‘जादू सीखने के लिए मैंने कोई तालीम नहीं ली। अब तक जो भी सीखा ऑनलाइन वीडियो देखकर सीखा। मैं लोगों को अपने करतब दिखाता तो काफी अच्छा रिएक्शन भी मिलने लगा। मैं धीरे-धीरे मेहनत करता रहा और कई ट्रिक्स खुद भी क्रिएट किए। कई तरीकों को सीखने के लिए दिन-रात भी एक कर दिए। इसका नतीजा आज सबके सामने है।’’

कुछ समय पहले टूट गया था पूरा परिवार : जावेद बताते हैं, ‘‘जब मैं 8वीं या 9वीं क्लास में था, तब मेरी सगाई तय हो गई थी। मैं शादी करने के लिए भी तैयार था, लेकिन कॉलेज के दौरान मैंने सोचा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद शादी करूंगा। मैंने लड़की वालों को समझाने की कोशिश की तो वे मेरे परिवार वालों के बारे में उल्टी-सीधी अफवाहें फैलाने लगे। इससे हमारा नाम खराब हो गया और मेरा पूरा परिवार भी टूट गया।

अब पापा को ऑटो रिक्शा नहीं नहीं चलाने दूंगा : जावेद कहते हैं कि मेरे पापा ऑटोरिक्शा चलाते हैं, लेकिन अब मैं यह काम उन्हें नहीं करने दूंगा। अगर वे काम करना चाहेंगे तो कैब खरीदकर दे दूंगा। फिलहाल हम चॉल में रहते हैं तो एक अच्छा घर खरीदने की भी कोशिश करूंगा।

 

ऐसे पहुंचा इंडियाज गॉड टैलेंट : जावेद के मुताबिक, एक दिन मैं अपने परिवार के साथ कोई शो देख रहा था। उसी दौरान विजेता को देखकर मां ने ताना मारा कि इसके मां-बाप को कितना गर्व हुआ होगा। मुझे लगा कि अब जरूर कुछ करना होगा और मैंने तैयारी शुरू दी। मैंने पिछले सभी सीजन देखे। वहीं, सभी जादूगर प्रतिभागियों के ट्रिक्स देखकर यह समझने की कोशिश की कि उनमें क्या खामी रह गई थी।

शो जीतने की नहीं थी उम्मीद : जावेद कहते हैं, ‘‘मुझे खुद उम्मीद नहीं थी कि मैं शो जीत पाऊंगा। मैंने सोचा था कि सेमीफाइनल तक पहुंच जाऊं तो बड़ी बात होगी। सेमीफाइनल के बाद तो रिजल्ट वोटिंग से तय होता है। मुझे भरोसा नहीं था कि एक जादूगर से लोग कनेक्ट हो पाएंगे। हालांकि, सेमीफाइनल में मुझे वोट मिले, जिससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ गया। इसके बाद फाइनल में मैंने और बेहतर परफॉर्म किया।’’

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