Indian Railways: अब 3 स्टेशंस पर रुकेंगी ‘श्रमिक ट्रेनें’, 1200 के बजाय बैठेंगे 1700 यात्री

Coronavirus Lockdown in India: एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस कदम के बारे में जानकारी देते हुए बताया, ‘रेलवे के पास रोजाना 300 ट्रेनें चलाने की क्षमता है और हम इसे ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना चाहते हैं। अगले कुछ दिनों में हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए हमने राज्यों से मंजूरी भेजने को कहा है।’

Shramik special train
रेलवे के इस आदेश से एक दिन पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सभी राज्यों से उदारतापूर्वक मंजूरी देने की अपील की थी। मंत्री की अपील खास तौर से उन राज्यों के लिए थी, जिन्होंने बहुत कम ट्रेनों की अनुमति दी थी। (Express Photo By Pradip Das/File)

Indian Railways: लॉकडाउन के दौरान अधिक से अधिक प्रवासियों को घर पहुंचाने के प्रयास में रेलवे ने अब ‘श्रमिक विशेष’ गाड़ियों में 1200 की जगह 1700 यात्रियों को भेजने का निर्णय किया है और तीन स्थानों पर इन ट्रेनों का ठहराव होगा। रेलवे की ओर से जारी आदेश में, रेलवे जोनों को संबंधित राज्यों में गंतव्य के अलावा तीन जगहों पर गाड़ियों के ठहराव के लिए कहा गया है। राज्य सरकारों के आग्रह पर यह निर्णय किया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि ट्रेन में यात्रियों को ले जाने की क्षमता उसमें मौजूद शयनयान कोच के सीटों की संख्या के बराबर होनी चाहिए।

रेलवे के इस आदेश से एक दिन पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सभी राज्यों से उदारतापूर्वक मंजूरी देने की अपील की थी। मंत्री की अपील खास तौर से उन राज्यों के लिए थी, जिन्होंने बहुत कम ट्रेनों की अनुमति दी थी। प्रवासी श्रमिकों के लिए ट्रेनों को मंजूरी देने के मामले पर गृह सचिव की मुख्य सचिवों के साथ रविवार को हुई वीडियो कांफ्रेंस में भी चर्चा हुई थी।

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इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भी पश्चिम बंगाल सरकार से इन ट्रेनों को तत्काल मंजूरी दिए जाने की अपील की थी। श्रमिक विशेष गाड़ियों में 24 डब्बे हैं और प्रत्येक डब्बे में 72 यात्रियों को ले जाने की क्षमता है। सामाजिक मेल जोल से दूरी के प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए वर्तमान में प्रत्येक डब्बे में 54 यात्रियों को लेकर ले जाया जा रहा है। भारतीय रेल ने एक मई से अब तक 468 ट्रेनों के माध्यम से पांच लाख से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया है।

अब तक बिहार ने सबसे अधिक 100 ट्रेनों को मंजूरी दी है और सबसे अधिक प्रवासी श्रमिकों को वापस बुलाया है जबकि पश्चिम बंगाल ने केवल दो ट्रेनों को मंजूर किया है जबकि आठ और गाड़ियों को अनुमति मिलने की संभावना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस कदम के बारे में जानकारी देते हुए बताया, ‘रेलवे के पास रोजाना 300 ट्रेनें चलाने की क्षमता है और हम इसे ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना चाहते हैं। अगले कुछ दिनों में हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए हमने राज्यों से मंजूरी भेजने को कहा है।’

इसी बीच सोमवार (11 मई, 2020) को वेस्टर्न रेलवे ने एक ट्वीट कर बताया कि 12 मई से सीमित रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसकी बुकिंग 11/5/2020 शाम 4 बजे से केवल IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर ही शुरु होगी। ट्वीट के मुताबिक अगर आपका इनसे यात्रा का प्लान है तो आपको कुछ बातों की जानकारी होना जरूरी है, इससे आपको सफर के दौरान दिक्कत नहीं होगी।

गाइडलाइन के मुताबिक टिकट बुंकिंग में यात्रियों को किसी तरह की छूट नहीं होगी और सभी ट्रेनों में एसी होने के चलते इसका किराया भी ज्यादा होगा। ट्रेन बोर्डिंग के लिए सभी यात्रियों के लिए मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य है। इसके बिना ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं होगी।

इसके अलावा सफर के दौरान यात्रियों को खुद कंबल और चादर लेकर आनी होगी। कोरोना के बीच रेलने इनकी सुविधा नहीं देगा। यात्रियों को खाना भी नहीं दिया जाएगा। इसलिए खाने-पीने की व्यवस्था यात्रियों को खुद सुनिश्चित करनी होगी।

रेलवे ने ट्वीट कर बताया कि श्रमिक ट्रेनों में प्रवासियों के घर पहुंचने का सिलसिला जारी है। मध्य प्रदेश के 8431 मजदूर परिवार सहित श्रमिक स्पेशल से अपने घर पहुंच चुके हैं। पश्चिमी रेलवे ने बताया कि दस मई तक शाम तक जूनागढ़-मेघनगर, वडोदरा-देवरिया, मोरबी-शाजापुर तथा 11 मई, 2020 को राजकोट-बलिया, सूरत से जगन्नाथपुर, कोडरमा व काठगोदाम श्रमिक स्पेशल में लॉकडाउन नियमों का पालन करते हुए लगभग 8500 लोगों को उनके राज्यों में भेजा गया।

उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न भागों में जरूरी सामान की सप्लाई बनाए रखने के लिए रेलवे द्वारा माल गाड़ियों, पार्सल विशेष ट्रेनों, मिल्क स्पेशल ट्रेनों आदि का लॉकडाउन और कोरोना के दौरान लगातार परिचालन किया जा रहा है जिनमें मुख्यतः खाद्यान्न, दवाइयां, मेडिकल उपकरण, दूध, मछली आदि शामिल हैं। (एजेंसी इनपुट)

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