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Indian Railway: रद्द टिकटों से रेलवे ने 1,536 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाए

आरटीआइ आवेदन में पूछे गए सवालों के जवाब के मुताबिक रेलवे ने आरक्षित टिकटों के निरस्त्रीकरण से 1,518.62 करोड़ रुपए कमाए। अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (यूटीएस) के तहत बुक यात्री टिकटों को रद्द कराए जाने से रेलवे ने 18.23 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया।

Author इंदौर | July 13, 2019 1:46 AM
तस्वीर का प्रयोग प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Photo: sr.indianrailways.gov.in)

रेलवे को यात्री टिकटों की बिक्री के साथ ही टिकट निरस्त किए जाने से भी मोटी कमाई हो रही है। सूचना के अधिकार (आरटीआइ) से पता चला है कि वित्त वर्ष 2018-19 में टिकट रद्द किए जाने के बदले यात्रियों से वसूले गए प्रभार से रेलवे के खजाने में लगभग 1,536.85 करोड़ रुपए जमा हुए। मध्यप्रदेश के नीमच निवासी आरटीआइ कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने शुक्रवार को बताया कि उन्हें रेल मंत्रालय के रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआइएस) से अलग-अलग अर्जियों पर यह जानकारी मिली है।

आरटीआइ आवेदन में पूछे गए सवालों के जवाब के मुताबिक रेलवे ने आरक्षित टिकटों के निरस्त्रीकरण से 1,518.62 करोड़ रुपए कमाए। अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (यूटीएस) के तहत बुक यात्री टिकटों को रद्द कराए जाने से रेलवे ने 18.23 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया। गौड़ ने अपनी आरटीआइ अर्जी में रेलवे से यह भी जानना चाहा था कि क्या टिकट रद्द करने के बदले यात्रियों से वसूले जाने वाले शुल्क को घटाने के किसी प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है? आरटीआइ कार्यकर्ता ने कहा, ‘इस सवाल के जवाब का मुझे अब तक इंतजार है। रेल टिकट रद्द करने के बदले यात्रियों से वसूले जाने वाले शुल्क को व्यापक जनहित में जल्द घटाया जाना चाहिए।

बीते दिन ही रेलवे के निजीकरण की विपक्ष की आशंकाओं को सिरे से खारिज करते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इसका ‘‘कोई निजीकरण कर ही नहीं सकता और इसके निजीकरण का कोई मतलब नहीं है’’। उन्होंने कहा कि ‘‘राजनीतिक लाभ के लिए नयी ट्रेनों का सपना दिखाने’’ के बजाय नरेन्द्र मोदी सरकार ने सुविधाएं एवं निवेश बढ़ाने के लिए पीपीपी आमंत्रित करने का इरादा किया है । लोकसभा में वर्ष 2019-20 के लिए रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर बृहस्पतिवार को देर रात तक चली चर्चा का शुक्रवार को जवाब देते हुए रेल मंत्री ने कहा, ‘‘मैं बार-बार कह चुका हूं कि रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाएगा। ’’ उन्होंने कहा कि लेकिन कोई सुविधा बढ़ाने की बात करे, प्रौद्योगिकी लाने की बात करे, कोई नया स्टेशन बनाने की बात करे, कोई हाई स्पीड, सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने की बात करे, स्टेशन पर सुविधा बढ़ाने की बात करें तो इसके लिये निवेश आमंत्रित किया जाना चाहिए

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