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नए कलेवर में चलेगी लंबी दूरी की यह एक्सप्रेस ट्रेन, रेल मंत्री ने शेयर की तस्वीरें

मिथिला की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत अब रेल मार्ग के द्वारा लोगों तक पहुंचेगी और इसकी गौरवाशाली विशेषताओं से उन्हें रूबरू कराएगी। भारतीय रेलवे ने इस विरासत को सहेजने और जन-जन से इसका परिचय कराने के लिए लंबी दूरी की ट्रेन बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को नए कलेवर में रंग दिया है।

मधुबनी पेंटिंग से सजी बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस। (सभी तस्वीरें रेल मंत्री पीयूष गोयल के आधिकारिक हैंडल @PiyushGoyal से ट्वीट की गई हैं)

मिथिला की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत अब रेल मार्ग के द्वारा लोगों तक पहुंचेगी और इसकी गौरवाशाली विशेषताओं से उन्हें रूबरू कराएगी। भारतीय रेलवे ने इस विरासत को सहेजने और जन-जन से इसका परिचय कराने के लिए लंबी दूरी की ट्रेन बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को नए कलेवर में रंग दिया है। रेलगाड़ी के नौ डिब्बों पर मैथिली चित्रकला उकेरी गई है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेन की कुछ बेहद खूबसूरत तस्वीरें ट्वीट की हैं। उन्होंने गुरुवार (23 अगस्त) को किए अपने ट्वीट में लिखा, ”मिथिला की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत को दर्शाती बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस आज से अपने नये लुक में चलेगी, ट्रेन की बोगियों पर बनाई मिथिला पेंटिंग्स से इस कला को प्रचार तथा विस्तार मिलेगा, तथा देश की प्राचीन विरासत को एक बार फिर से पहचान मिलेगी।” रेल मंत्रायल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जानकारी दी गई कि ”भारतीय रेलवे भारत की समृद्ध कला का प्रदर्शन कर रही है। 12565 बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के डिब्बों पर मिथिला की कला पेंट की गई है। ट्रेन 23 अगस्त को दरभंगा से 8:25 बजे प्रस्थान करेगी”

12565/12566 बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस रोजाना चलने वाली सुपरफास्ट ट्रेन हैं। यह बिहार के दरभंगा से छपरा, गोरखपुर, लखनऊ और कानुपर से होती हुई नई दिल्ली पहुंचती है। 12565 संख्या वाली गाड़ी दरभंगा से नई दिल्ली के लिए चलती है तो 12565 संख्या वाली गाड़ी दिल्ली से दरभंगा के लिए रवाना होती है। मिथला की कला को मधुबनी पेंटिंग भी कहा जाता है। इंटरनेट से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मधुबनी पेटिंग बिहार के मिथिला अंचल की लोककला है, जिसमें अनूठे ज्यामितीय पैटर्न का उपयोग कर महीन रेखाओं वाली रंगीन चित्रकारी की जाती है। महीने भर पहले बिहार से चलने वाली राजधानी, बिहार संपर्क क्रांति और जनसाधारण ट्रेनों को मधुबनी पेंटिंग से सजाने का काम शुरू करने की खबर आई थी।

बिहार के कई स्टेशनों की दीवारों को भी मधुबनी पेंटिंग से सजाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक डिब्बे के कलेवर में रेलवे करीब एक लाख रुपये खर्च कर रहा है। बता दें कि जनसुविधाओं को खयाल रखते हुए भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने भी अपनी वेबसाइट को नए कलेवर में पेश किया था कई सुविधाओं में इजाफा किया था। अब यात्री वेबसाइट पर लॉगिन किए बिना भी ट्रेन सर्च कर सकते हैं और लॉगिन करने के बाद टिकट बुक करने पहले उसके कन्फर्म होने की संभावना का प्रतिशत जान सकते हैं।

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