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बड़ी पहलः पूर्वोत्तर की पहाड़ियों का आनंद अब रेलवे के साथ

मणिपुर में जिरिबाम से सीधे इंफल को जोड़ने की भी योजना तैयार की गई है। इस योजना को 2020-21 के वित्त वर्ष के अंदर पूरा किया जाएगा। जिरिबाम शहर मणिपुर के पश्चिमी द्वार के नाम पर जाना जाता है और तेजी से बढ़ते शहरों में शुमार है।

Author July 14, 2019 2:37 AM
प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

पंकज रोहिला

पूर्वोत्तर के पहाड़ व वन क्षेत्रों तक पर्यटकों और यात्रियों की पहुंच अब आसान होने वाली है। रेल मंत्रालय पूर्वोत्तर के पांच राज्यों में 2021 तक रेल का जाल बिछाने जा रहा है। इन राज्यों में नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय और सिक्किम शामिल हैं। सबसे पहला ट्रैक जून 2021 तक सिक्किम तक पहुंचाने की तैयारी है। यह सेवोक से रंगपो के बीच करीब 40 किलोमीटर लंबा होगा। इससे पयर्टन व कारोबार को भी बढ़ावा देगा। सिक्किम की इस परियोजना के लिए मसौदे को पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया है। पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी के बाद परियोजना पर काम शुरू होगा। मंत्रालय जिन परियोजनाओं को 2021 में पूरा करने के लिए काम कर रहा है, उनमें मिजोरम की भैरबी- सैरांग लाइन भी शामिल है। यह पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का एक हिस्सा है। इस हिस्से में करीब 18 किलोमीटर का लंबा ट्रैक तैयार होगा, जो मिजोरम के ऐजल शहर को जोड़ देगा। मंत्रालय ने नगालैंड के कोहिमा से भी नेटवर्क का विस्तार करने की योजना तैयार की है। यह ट्रैक 17 किलोमीटर लंबा होगा, जो दीमापुर और जुज्बा को जोड़ेगा।

मणिपुर में जिरिबाम से सीधे इंफल को जोड़ने की भी योजना तैयार की गई है। इस योजना को 2020-21 के वित्त वर्ष के अंदर पूरा किया जाएगा। जिरिबाम शहर मणिपुर के पश्चिमी द्वार के नाम पर जाना जाता है और तेजी से बढ़ते शहरों में शुमार है। इसकी मदद से यहां आर्थिक गतिविधियों को भी तेज करने में मदद मिलेगी। इसी तरह शिलांग को भी दूसरे हिस्सों से जोड़ने की तैयारी है। योजना में बिर्नीहाट से तेतेलिया को जोड़ा जाएगा। इसी तरह, मेघालय में ही बिर्नीहाट से शिलांग के बीच भी एक ट्रैक बनाने की योजना तैयार की गई है। हालांकि इस परियोजना के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि यह खासी पर्वतमाला के क्षेत्र में होगी और इसके लिए पर्यावरणीय मंजूरी अभी रेल मंत्रालय को लेनी है।

मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक अरुणाचल प्रदेश की हर्मुती से नहार्लगुन के बीच की 10 किलोमीटर की लाइन चालू हो चुकी है। त्रिपुरा में भी दो प्रमुख लाइनों का कार्य मंत्रालय ने पूरा कर लिया है। पूर्वोत्तर के राज्यों को जोड़ने के लिए अब तक 15 नई लाइनें तैयार की गई हैं और 6 परियोजनाओं को शुरू किया जा चुका है। इनकी मदद से 1881 किलोमीटर के नेटवर्क का विस्तार हुआ है, जिस पर करीब 70,066 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च की जा चुकी है।
अब तक सबसे बेहतरीन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की बोगीबील पुल परियोजना है। इसकी मदद से 73 किलोमीटर लाइन का विस्तार किया गया है। इस परियोजना की शुरुआत खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2018 में की थी।

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