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Indian Railway: यात्री ट्रेन नहीं मिली तो मालगाड़ी से आई बैंक पहुंचाए नेत्र, रेलवे अधिकारीयों के इस कदम की हो रही है सराहना

रेलवे अधिकारियों की अनोखी पहल से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को समय रहते नेत्र प्रत्यारोपित हो गए। बता दें कि मृतक के अंतिम संस्कार से पहले ही उन्हें रोशनी मिल गई।

Author शुजालपुर | June 15, 2019 2:24 PM
प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

भारतीय रेलवे (Indian Railway) के अधिकारीयों की मानवीय पहल के चलते दो नेत्रहीन व्यक्तियों को समय रहते नेत्र प्रत्यारोपित किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मृत्यु के बाद एक शख्स ने नेत्रदान किया था, ऐसे में नेत्रों को समय पर अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए रेलवे ने नॉन स्टॉप मालगाड़ी को दौड़ा दिया। पहले इस मालगाड़ी को डायरेक्ट शुजालपुर में रोका गया और फिर उसमें नेत्र रखवाकर भोपाल भेजा गया। रेलवे की इस पहल की अब चारों तरफ सराहना हो रही है, जिसके चलते एक नेत्रहीन की आंखों की रोशनी फिर से वापस आ गई।

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क्या है मामला: दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक शुजालपुर में श्रीचंद गंगवानी की पत्नी लक्ष्मी देवी का निधन हो गया था। जिसके बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान करने की पहल की। मृतक लक्ष्मी देवी के नेत्र को डॉ केके जैन ने मनीष माहेश्वरी को नेत्रदान करावाया। इसके बाद समय रहते आई बॉक्स को शुजालपुर से भोपाल भेजने का बीड़ा रेलवे ने उठाया। जैसे ही यह आई बॉक्स 10.50 बजे स्टेशन पहुंचा तब कोई यात्री ट्रेन नहीं थी। ऐसे में तत्काल नॉन स्टॉप ट्रेन को रोककर उसमें आई बॉक्स रखकर भिजवाया गया। यह बॉक्स 12.15 बजे भोपाल में मिल गया और शाम होते-होते नेत्रों का प्रत्यारोपण कर दिया गया।

गौरतलब है कि अभी दो दिन पहले ही दिल्ली डिवीजन के टीटीई ने ट्रेन में डॉक्टर मौजूद नहीं होने पर एक गर्भवती महिला की मदद की थी। टीटीई ने सहयात्रियों के साथ मिलकर महिला की डिलीवरी करवाई थी। जिसके बाद खुद रेल मंत्रालय ने ट्वीट कर इस कदम की सराहना की थी। जिसकी चर्चा सोशल मीडिया में जमकर हो रही है।

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