Indian Railway IRCTC : पंजाब के गन्ना किसानों ने बकाया राशि के भुगतान के लिए जाम किए रेलवे ट्रैक, दर्जनों ट्रेनें रद्द, यात्री परेशान

Indian Railway IRCTC: पंजाब में गन्ना किसानों ने बकाया भुगतान और कीमतों में बढ़ोतरी के लिए आंदोलन का ऐलान किया है। शनिवार को आंदोलनरत किसानों ने जलांधर में हाइवे और रेलवे ट्रैक जाम कर दिया।

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अपनी मांगों के साथ रेलवे ट्रैक पर बैठे आंदोलनरत किसान। Photo Source- ANI

Indian Railway IRCTC: पंजाब में गन्ना किसानों ने बकाया भुगतान और कीमतों में बढ़ोतरी के लिए आंदोलन का ऐलान किया है। शनिवार को आंदोलनरत किसानों ने जालंधर में हाइवे और रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि उनकी बकाया राशि का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। किसानों के इस आंदोलन के चलते फिरोजपुर रेल मंडल में 19 ट्रेनें रद्द हो चुकी हैं। ट्रेनों के रद्द होने से सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना यात्रियों को करना पड़ रहा है। फिरोजपुर मंडल के रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 50 से ज्यादा ट्रेनों का या तो डाइवर्ट किया गया है या फिर शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है।

बीकेयू-दोआबा के नेता एमएस राय ने कहा कि अगर सरकार ने आज शाम तक हमारे साथ बातचीत नहीं की, तो हम पंजाब बंद का आह्वान करेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि राखी के कारण हम कल से बंद करने से बचने की कोशिश करेंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पंजाब के किसानों ने बीते शुक्रवार से अनिश्चित काल के लिए आंदोलन शुरू किया। किसानों ने अपनी मांगें पूरी होने तक नाकेबंदी हटाने से इनकार कर दिया है। इस दौरान सिर्फ आपातकालीन वाहनों को ही आने जाने की अनुमति होगी।

बसों की आवाजाही भी हुई प्रभावित: सड़क मार्ग और ट्रेन रूट बंद होने के बाद जनता बसों की तरफ टूट पड़ी लेकिन वहां भी संचालन से नहीं हो सका। लुधियाना और चंडीगढ़ में कई दफ्तरों में हाजिरी कम रही क्योंकि आने जाने के रास्ते पूरी तरह से प्रभावित थे। जांलधर में आस पास के इलाकों में जाने का साधन सिर्फ बस ही है, दफ्तर से लेकर बाजार तक के लिए लोग बसों का इस्तेमाल करते हैं। बस सेवा प्रभावित रहने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

क्या है किसानों की मांग: किसानों की मांग है कि उनके बकाया भुगतान 200 करोड़ चुकाया जाए। साथ ही गन्ना के SAP (State Assured Price) को 310 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 358 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।

‘अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा विरोध’: इस आंदोलन में 32 किसान यूनियन शामिल हैं। उनका दावा है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तब तक यह प्रदर्शन चलता रहेगा। किसान यूनियन के नेताओं की नाराजगी है कि सरकार ने पिछले चार सालों में गन्ने की फसल का एक भी रुपया नहीं बढ़ाया है।

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