ताज़ा खबर
 
title-bar

इंटरपोल को रेड कॉर्नर नोटिस बोले जाकिर नाईक, कहा- मेरे खिलाफ हो रहा ‘राजनीतिक षडयंत्र’

विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक ने गुरुवार को भारतीय सरकार पर आरोप लगाया कि वह उसे फंसाने में लगी है और इंटरपोल पर उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए लगातार दबाव बना रही है।

Author मुंबई | April 25, 2019 1:52 PM
नाईक ने एक बयान में कहा कि वह इस बात से अवगत हैं कि ‘‘ सरकार मेरे खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने के लिए इंटरपोल पर दबाव बना रही है।

विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक ने गुरुवार को भारतीय सरकार पर आरोप लगाया कि वह उसे फंसाने में लगी है और इंटरपोल पर उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए लगातार दबाव बना रही है। नाईक ने एक बयान में कहा कि वह इस बात से अवगत हैं कि ‘‘ सरकार मेरे खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने के लिए इंटरपोल पर दबाव बना रही है। ’’ नाईक 2016 में भारत छोड़ कर भाग गया था। उसने दावा किया, ‘‘ यह मुझे फंसाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। लेकिन कुछ सदस्य देशों से पुष्टि करने के बाद, मैं यह दावा कर सकता हूं कि आज की तारीख मैं मेरे खिलाफ कोई रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं है।’’

उसने कहा कि भारतीय समाचार पत्रों में से एक ने भारतीय सरकार के आंतरिक विचार-विमर्श के बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित की। यह विचार-विमर्श तो पिछले दो साल से अधिक समय से चल रहा है और समचार पत्र ने इस मामले में जल्दबाजी दिखाई। नाईक ने कहा कि इंटरपोल ने पहले ही उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस को रद्द कर दिया था।

उसने कहा, ‘‘ सरकार को आरोपपत्र दायर किए और इंटरपोल पर दबाव बनाते हुए करीब डेढ़ साल हो गया है। लेकिन अभी जैसे हालात हैं, मेरे पास यह मानने के लिए एक भी कारण नहीं है कि इंटरपोल किसी भी अनुचित दबाव में आएगा।’’ नाईक के अभी मलेशिया में होने की खबर है। उसके खिलाफ 2016 में तब से जांच जारी है, जब से केन्द्र ने उसके ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ को प्रतिबंधित कर दिया था।

एनआईए की एक विशेष अदालत ने 2017 जून में नाईक को घोषित अपराधी करार दिया था। उस पर युवकों को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाने, घृणा फैलाने वाले भाषण देने और समुदायों के बीच शत्रुता फैलाने के आरोप हैं। एनआईए ने मुम्बई की एक अदालत में अक्टूबर 2017 में नाईक और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App