भारतीय सेना ने राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करने की कोशिश कर रहे संदिग्ध आतंकवादियों पर गोलीबारी की। यह घटना मंगलवार को हुई। सेना के अधिकारियों ने बताया कि संदिग्धों को तड़के करीब सवा चार बजे तुर्कंडी अग्रिम क्षेत्र से भारत की तरफ घुसपैठ करने की कोशिश करते देखा गया।

अधिकारियों ने बताया कि नियंत्रण रेखा की रक्षा कर रहे सेना के जवानों ने घुसपैठ के प्रयास को विफल करने के लिए गोलीबारी की। उन्होंने बताया कि इलाके में अतिरिक्त बल भेजा गया और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

सेना ने नाकाम की थी घुसपैठ की कोशिश

इससे पहले 19-20 फरवरी को सेना के जवानों ने राजौरी के सुंदरबनी सेक्टर में आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी थी और उस दौरान कुछ हथियार व गोला-बारूद जब्त किए गए थे।

जीओसी ने की थी आतंकवाद विरोधी अभियानों की समीक्षा

कुछ दिन पहले ही व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल पी.के. मिश्रा ने किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा की स्थिति और आतंकवाद विरोधी अभियानों की समीक्षा की थी। जीओसी मिश्रा ने सभी रैंकों को सतर्क, सक्रिय और मिशन पर केंद्रित रहने का निर्देश दिया था।

मिश्रा के इस दौरे से कुछ दिन पहले ही किश्तवाड़ जिले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को सुरक्षा बलों द्वारा मुठभेड़ में मार गिराया गया था।

जैश के तीन आतंकवादियों को किया था ढेर

22 फरवरी को किश्तवाड़ के चतरू इलाके में दिनभर चले अभियान में कमांडर सैफुल्लाह समेत जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तीन आतंकवादी मारे गए थे। सैफुल्लाह पिछले एक साल में एक दर्जन से अधिक मुठभेड़ों से बच निकला था।

सेना का 326 दिनों का ऑपरेशन सफल

भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।