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कश्मीरी छात्रों को आर्मी चीफ बिपिन रावत की सलाह, हिंसा दूर करने के लिए चुनें किताबें और लैपटॉप

जम्मू कश्मीर में अशांति के कारण पीढ़ीयां बरबाद होने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने आज राज्य के छात्रों से कहा कि वे हिंसा का दौर समाप्त करने के लिए लैपटाप और किताबों को चुनें।
Author नई दिल्ली | June 13, 2017 19:02 pm
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की फाइल फोटो।

जम्मू कश्मीर में अशांति के कारण पीढ़ीयां बरबाद होने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने आज राज्य के छात्रों से कहा कि वे हिंसा का दौर समाप्त करने के लिए लैपटाप और किताबों को चुनें। ना द्वारा समर्थित एक कार्यक्रम में भाग लेने और आईआईटी प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सफलता कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है तथा वे अब घाटी में युवाओं के उज्ज्वल उदाहरण बन गये। जम्मू कश्मीर में अपनी नौकरी के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 1981..82 में उनकी पहली पोस्टिंग के समय स्थिति काफी बेहतर थी।

उन्होंने कहा कि उनकी दूसरी पोस्टिंग के समय 1991 एवं 1993 के दौरान स्थितियों में गिरावट आयी। वह 2006…08 और 2010..12 में भी राज्य में तैनात थे।
रावत ने सवाल किया, मैंने स्थिति देखी है। कितनी और पीढ़ीयां को तोपों की गोलाबारी और विस्फोटकों का धुआं देखना होगा। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से पीढ़ीयां बरबाद हो गयी। कश्मीर के लोगों एवं युवाओं के मन में यह भय घर कर गया है…कोई आतंकवादी या सुरक्षा बल आएंगे।

सेना प्रमुख ने कहा, लिहाजा एक तरफ आतंकवादी है और दूसरी तरफ सुरक्षा बल हैं। हम इस माहौल में कब तक रहेंगे। हमें इसे खत्म करना होगा। हमारी मंशा है कि वहां शांति कायम हो और हम किसी समस्या के बिना अपना दैनन्दिन काम कर सकें।े
उन्होंने कहा, कश्मीर स्वर्ग है। हमें उस स्तर को वापस लाना है जो वहां पहले था। लोग घाटी को देखने के लिए उमड़ पड़ते थे किन्तु तनाव के कारण लोग नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपना अध्ययन पूरा करने के बाद अपनी जड़ों की ओर वापस लौटे और राज्य के विकास में मदद करें ताकि लोगों की समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सके।

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