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पेरिस समझौते पर कल हस्ताक्षर करेगा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने को मंजूरी प्रदान की गई।

Author नई दिल्ली | April 21, 2016 3:22 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (पीटीआई फाइल फोटो)

भारत जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते को लेकर शुक्रवार को न्यूयार्क में हस्ताक्षर करेगा। इसे पिछले साल दिसंबर में 190 से अधिक देशों ने स्वीकार किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने को मंजूरी प्रदान की गई। इसे फ्रांस की राजधानी में विभिन्न पक्षकारों के 21वें सम्मेलन के दौरान स्वीकार किया गया था। पर्यावरण व वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर 22 अप्रैल को भारत की तरफ से इस समझौते पर एक उच्च स्तरीय समारोह में हस्ताक्षर करेंगे। यह सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने बुलाया है।

भारत ने एक सशक्त व ठोस जलवायु समझौते की वकालत की है जो जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र संधि (यूएनएफसीसीसी) के प्रावधानों और सिद्धांतों पर आधारित हो व यह समझौता भारत की सभी महत्त्वपूर्ण चिंताओं और उम्मीदों को समाधान निकालने वाला हो। न्यूयार्क में होने वाले इस सम्मेलन के दौरान ऐतिहासिक पेरिस समझौते पर 150 से अधिक देशों के हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने से जुड़ा आयोजन पेरिस समझौते को जल्द से जल्द लागू करना सुनिश्चित करने की दिशा में कदम होगा।

जावड़ेकर ने कहा कि विकसित विश्व को जलवायु परिवर्तन के विरूद्ध लड़ाई में विकासशील देशों के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करनी चाहिए। जावड़ेकर का 23 और 24 अप्रैल को प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मंच की बैठक में भी भाग लेने का कार्यक्रम है। पेरिस समझौते के बाद जलवायु परिवर्तन पर भारत की कार्रवाई का ब्योरा देते हुए जावड़ेकर ने कहा कि 2022 तक 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 40 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता मार्च 2016 तक अर्जित की जा चुकी है।

दूसरी ओर सरकार ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में नए भारतीय विज्ञान शिक्षा व अनुसंधान संस्थान के अकादमी सत्र को श्री राम इंजीनियरिंग कालेज स्थित अस्थाई परिसर में परिचालन को भी मंजूरी प्रदान कर दी। आंध्र प्रदेश के तिरुपति में नए भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइआइएसइआर) को शुरुआती तीन साल के लिए (2015-18) 137.30 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से अस्थाई परिसर से परिचालन करने हेतु अपनी मंजूरी दे दी है।

मंत्रिमंडल को हाल के समय में विभिन्न देशों और भारत के बीच हुए युवा आदान प्रदान कार्यक्रमों से जुड़े समझौतों की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बहरीन, कुवैत, नेपाल, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, वियतनाम और ब्रिक्स देशों और भारत के बीच हुए युवा आदान प्रदान से संबंधित सहमति पत्र पर हस्ताक्षर की जानकारी दी गई।

वहीं, आचार्य एनजी रंगा कृषि विश्वविद्यालय, हैदराबाद को 21.93 एकड़ जमीन स्थानांतरित करने के एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। इस जमीन का इस्तेमाल आंध्र प्रदेश के राजमुंद्री में इसके कृषि महाविद्यालय का स्थाई परिसर बनाने में किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने राजमुंद्री में 2008-09 में एक नया कृषि महाविद्यालय स्थापित किया था। लेकिन यह महाविद्यालय स्थानीय कॉलेज से लिए किराए के एक परिसर में चल रहा है।

जबकि केंद्रीय तंबाकू अनुसंधान संस्थान (सीटीआरआइ) राजमुंद्री की 21.93 एकड़ जमीन आचार्य एनजी रंगा कृषि विश्वविद्यालय हैदराबाद को स्थानांतरित की जाएगी ताकि वह कृषि कालेज स्थापित कर सके। यह जमीन मिलने के बाद विश्वविद्यालय का कृषि महाविद्यालय अपना खुद का परिसर बना सकेगा। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम व वाधवानी आपरेटिंग फाउंडेशन के बीच हो चुके करार को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने भारत-चिली तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) के विस्तार को मंजूरी दे दी। इसके अनुसार भारत द्वारा चिली को बड़ी संख्या में उत्पादों का निर्यात किया जाता और विस्तारित पीटीए से भारत को काफी फायदा होगा।

* जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र संधि (यूएनएफसीसीसी) अहम
* न्यूयार्क में पर्यावरण मंत्री जावड़ेकर करेंगे हस्ताक्षर
* 150 से अधिक देशों के हस्ताक्षर करने की उम्मीद

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