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एयर पॉल्युशन में नंबर 1 बन सकता है भारत, 2017 में हुईं 1.2 मिलियन लोगों की मौत, एक्सपर्ट्स का कहना- हालात बुरे

एक ग्लोबल रिपोर्ट के मुताबिक भारत जल्दी ही देश का सबसे प्रदूषित देश बन जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने प्रदूषण रोकने में काफी हद तक सफलता प्राप्त की है लेकिन भारत इसमें बड़े लेवल पर सफल नहीं हुआ है।

प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स : इंडियन एक्सप्रेस)

भारत जल्दी ही विश्व का सबसे प्रदूषित देश बनने की कगार पर खड़ा है। बता दें कि फिलहाल में चीन दुनिया का सबसे प्रदूषित देश हैं। वहीं देश के जानकारों का मानना है कि वायु प्रदूषण को रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदम प्रयाप्त नहीं है और अगर इस पर काबू नहीं पाया गया तो जल्दी ही भारत विश्व का सबसे प्रदूषित देश होगा।

अध्ययन में बड़ा खुलासाः द टेलिग्राफ में छपी एक खबर के मुताबिक द स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2019 संस्थान ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी कर भारत को सबसे प्रदूषित देश बनने के बेहद करीब बताया। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2017 में भारत और चीन में वायु प्रदूषण से करीब 1.2 मिलियन लोगों की जान गई थी। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि बीते कुछ वर्षों में चीन के वायु प्रदूषण में PM2.5 (इनहेलेबल पार्टिकुलेट मैटर 2.5 माइक्रोन का आकार) में भारी कमी आई है और इससे कुछ हद तक वायु प्रदूषण पर उसने काबू भी किया है। बता दें कि यह रिपोर्ट्स गैर-लाभकारी स्वास्थ्य प्रभाव संस्थान द्वारा जारी की गई हैं। जिसमें वायु प्रदूषण को भारत में मौत के तीसरे बड़े कारण में से एक बताया गया है। रिपोर्ट्स ने यह भी खुलासा किया कि साल 1990 में वायु प्रदूषण के कारण भारत में कुल 1.02 मिलियन लोगों की मौत हुई थी, वहीं चीन में सबसे ज्यादा 1.32 मिलियन लोगों की जान गई थी। साल 2016 और 2017 में किए गए नए अध्ययन में चीन में वायु प्रदूषण से मौत में कमी आई है लेकिन भारत में लगातार PM2.5 की मात्रा बढ़ने से 1.2 मिलियन लोगों की मौत हुई है।

National Hindi News, 05 April 2019 LIVE Updates: पढ़ें आज की बड़ी खबरें

भारत में तेजी से फैल रहा है प्रदूषणः ग्रीनपीस नामक संसथान ने एक ताजा अध्ययन में भारत के 10 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की एक सूची जारी की थी जिसमें पीएम 2.5 के स्तर सबसे ज्यादा पाई गई थी। बता दें कि वायु प्रदूषण में PM2.5 सबसे हानिकारक वायु प्रदूषक माना जाता है जो फेफड़ों के अंतर भागों में प्रवेश कर बीमारियों का कारण बनता है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के वायु प्रदूषण एक्सपर्ट्स अनामिता रॉय चौधरी का कहना है कि भारत को वायु प्रदूषण पर और भी गम्भीर रुप से विचार करना होगा। उन्होंने घरेलू प्रदूषण, जीवन प्रत्याशा में कमी और डायबिटीज से बढ़ते मौत पर ज्यादा ध्यान देने की बात कही।

 

प्रदूषण रोकने के कदम प्रयाप्त नहींः द स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2019 संस्थान के उपाध्यक्ष रॉबर्ट ओ’कीफ का कहना है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (एक एलपीजी कार्यक्रम), भारत चरण VI स्वच्छ वाहन और नया राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम तो शुरू हुआ है पर इसको और भी सही तरीके से लागू होना चाहिए। वहीं इस मामले में एक पर्यावरण कार्यकर्ता का कहना है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों को और भी गम्भीर रूप से विचार करना चाहिए।

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