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इजराइल के साथ बड़े मिसाइल सौदे को भारत की मंजूरी

इजराइल के साथ मिलकर भारत मध्यम रेंज की सतह से हवा में मार करने वाली (एमआर-एसएएम) मिसाइल बनाएगा। 17,000 करोड़ के इस सौदे को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है।

Author नई दिल्ली | February 25, 2017 00:55 am
प्रतीकात्मक तस्वीर

इजराइल के साथ मिलकर भारत मध्यम रेंज की सतह से हवा में मार करने वाली (एमआर-एसएएम) मिसाइल बनाएगा। 17,000 करोड़ के इस सौदे को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है। इन मिसाइलों का इस्तेमाल भारतीय थल सेना करेगी।  रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और इजराइली एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री (आइएआइ) मिलकर इस परियोजना पर काम करेंगे।  शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा संबंधी कैबिनेट कमेटी की एक बैठक में इस मिसाइल सौदे को मंजूरी दी गई। भारत अपने रक्षा संबंधों को इजराइल के साथ तेजी से बढ़ाता जा रहा है। इसी की नई कड़ी में परियोजना को अमल में लाने का काम रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और इजराइली एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री (आइएआइ) मिलकर करेंगे।

एमआर-एसएएम मिसाइल नौसेना में पहले से इस्तेमाल हो रही सतह से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइल (एलआरएसएएम) का ही छोटा वर्जन है। थलसेना के लिए बनाई जाने वाली इस नई मिसाइल की मारक क्षमता 70 किलोमीटर तक की होगी। 17,000 करोड़ के इस सौदे में 40 फायरिंग इकाइयां लगाने के साथ ही करीब दो सौ मिसाइलें तैयार की जाएंगी। इस सौदे को मंजूरी तब दी गई है, जब दोनों देश अपने कूटनीतिक रिश्तों की 25वीं सालगिरह वर्ष 2017 में मना रहे हैं।  इसी उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साल के आखिर में इजराइल की यात्रा पर जाना है। पिछले साल नवंबर में इजरायली राष्ट्रपति रेवन रिवलिन भारत दौरे पर आए थे। तब दोनों देशों ने रक्षा साझेदारी को और बढ़ाने का फैसला किया था। सैन्य साजो-सामान के लिए इजराइल का भारत सबसे बड़ा खरीदार है। कुछ साल से इजराइल भारत को विभिन्न प्रकार की शस्त्र प्रणालियों, मिसाइलों और मानवरहित विमानों की भी आपूर्ति करता रहा है।

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