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वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रवर्तन नेटवर्क व्यवस्था अपनाएगा भारत

एक सरकारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के दक्षिण एशिया वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क व्यवस्था अपनाने और उसका सदस्य बनने को अपनी मंजूरी दे दी है

Author नई दिल्ली | Published on: April 14, 2016 1:06 AM

नई दिल्ली, 13 अप्रैल। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की ओर से दक्षिण एशिया वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क (एसएडब्ल्यूईएन) व्यवस्था अपनाने को बुधवार को अपनी मंजूरी दे दी, जिससे सीमा पार से होने वाले वन्यजीव अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह मंजूरी मिलने से देश एसएडब्ल्यूईएन का औपचारिक रूप से सदस्य बन सकेगा। इससे भारत एसएडब्ल्यूईएन के सदस्य देशों के साथ अपने संबंध मजबूत कर सकेगा और संचार, समन्वय, सहयोग, क्षमता निर्माण और क्षेत्र में सहयोग के जरिए सीमा पार वन्यजीव अपराधों को नियंत्रित कर सकेगा। एसएडब्ल्यूईएन एक क्षेत्रीय नेटवर्क है जिसमें दक्षिण एशिया में आठ देश शामिल हैं। इन देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका हैं। एसएडब्ल्यूईएन का उद्देश्य क्षेत्र में अवैध वन्यजीव व्यापार से निपटने के लिए साझा लक्ष्य और रुख अपना कर एक मजबूत क्षेत्रीय अंतर सरकारी निकाय के तौर पर काम करना है।

एक सरकारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के दक्षिण एशिया वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क व्यवस्था अपनाने और उसका सदस्य बनने को अपनी मंजूरी दे दी है जिससे संचार, समन्वय, सहयोग, क्षमता निर्माण और क्षेत्र में सहयोग के जरिए सीमा पार वन्यजीव अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी। दक्षिण एशिया क्षेत्र में बहुमूल्य जैव विविधता की मौजूदगी के चलते वन्यजीव अपराधों का बहुत खतरा है। क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण लागू करने के लिए इस सहयोग को बहुत प्रभावी माना जा रहा है।

मानव तस्करी की समस्या पर अंकुश लगाने के वास्ते भारत और यूएई इस अपराध को रोकने में सहयोग के लिए जल्द ही एक सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर के लिए मंजूरी प्रदान की गई। इस समझौते के तहत एक संयुक्त कार्यबल का गठन किया जाएगा, जिसमें दोनों पक्षों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि इस सहमति ज्ञापन पर बहुत जल्द हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। इससे दोनों देशों के बीच मित्रता के रिश्ते मजबूत होंगे और मानव तस्करी विशेषकर महिलाओं और बच्चों की तस्करी रोकने, बचाव व प्रत्यपर्ण के मुद्दों पर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपनी बैठक में केरल के कोल्लम स्थित मंदिर में रविवार को हुए हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। बैठक में मंदिर में आग लगने की घटना के पीड़ितों के प्रति दो मिनट मौन रख कर सम्मान प्रकट किया गया।

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