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गरमी बढ़ने से मटके की मांग बढ़ी, सूखे हलक को तर कर रहे 150-300 रुपए तक के मटके

विक्रेताओं का कहना है कि नल लगे मटके से पानी निकालने में कोई दिक्कत न हो। बिना नल वाले मटके की कीमत 50 रुपए से शुरू है। नल वाले मटके 150 रुपए से 300 रुपए तक हैं। मटकों के पानी की क्षमता उनकी बनावट पर निर्भर करती है।

Author नई दिल्ली | Published on: June 2, 2019 4:17 AM
दिल्ली के विभिन्न बाजारों में भी तरह-तरह के मटके और सुराही उपलब्ध हैं।

निर्भय कुमार पांडेय

चिलचिलाती धूप, तारकोल की सड़क से निकलती गर्माहट और शरीर से बहता पसीना दिल्ली में बढ़ते तापमान की ओर इशारा कर रहा है। गर्मी की तपिश से गला सूख रहा है। फ्रिज का पानी प्यास बुझाने में नाकाफी है, लेकिन मटके की शान अभी बाकी है। यही कारण है कि बढ़ती गरमी के साथ बाजारों में मटके और सुराही की मांग बढ़ गई है। दिल्ली के विभिन्न बाजारों में भी तरह-तरह के मटके और सुराही उपलब्ध हैं। लोगों की सुविधा के लिए जहां नल लगे मटके बिक रहे हैं। वहीं, संभाल कर रखने के लिए खास तरह के लोहे का स्टैंड युक्त मटके भी बाजार में उपलब्ध हैं, जो लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। विक्रेताओं का कहना है कि मटका, घड़ा और सुराही में लोगों की आवश्यकता के अनुसार बदलाव किया गया है। अब संपन्न लोग भी ठंडा पानी पीने के लिए मिट्टे के मटके और सुराही का प्रयोग करने लगे हैं।

भले ही आज के दौर में लोग फ्रिज का पानी ज्यादा पीते हैं, लेकिन अब भी काफी लोग मटके का पानी-पीना ठीक समझते हैं। उनका मानना है कि फ्रिज के पानी के मुकाबले मटके का पानी सेहत के लिए ज्यादा अच्छा होता है। साथ ही मटके के पानी का अलग ही स्वाद होता है। मटके का पानी-पीने से सर्दी-गर्मी की भी शिकायत नहीं होती है। इस वक्त दिल्ली के पहाड़गंज, मल्कागंज, दरियागंज और नेहरू बाजार, लक्ष्मी नगर, सत्या निकेतन, मयूर विहार फेज तीन, न्यू अशोक नगर के अलावा कई अन्य इलाकों में सड़क किनारे फुटपाथ पर मटके बेचने वाले दिख जाएंगे। लक्ष्मी नगर में विक्रेता राम कुमार का कहना है कि अब हर वर्ग के लोग मटके खरीदने लगे हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों की तुलना में इन दिनों मटके, सुराही और छोटे घड़े की मांग बढ़ी है।

वहीं, लक्ष्मी नगर में मटका खरीदने आई निशा शर्मा ने बताया कि बच्चों को तो फ्रिज का पानी ही पंसद है, लेकिन घर के बुजुर्ग और उन्हें मटके का पानी कहीं अधिक पसंद है। फ्रिज में पानी काफी ठंडा हो जाता है, जिससे दांतों में झनझनाहट होती है। पर मटके के पानी को पीने से इस तरह की कोई समस्या नहीं होती। उनका कहना है कि डॉक्टर भी फ्रिज का ज्यादा ठंडा पानी पीने से परहेज करने को कहते हैं।

150-300 रुपए तक के मटके
विक्रेताओं का कहना है कि नल लगे मटके से पानी निकालने में कोई दिक्कत न हो। बिना नल वाले मटके की कीमत 50 रुपए से शुरू है। नल वाले मटके 150 रुपए से 300 रुपए तक हैं। मटकों के पानी की क्षमता उनकी बनावट पर निर्भर करती है।

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