पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि वे शस्त्र अधिनियम में आवश्यक संशोधन करें। संधवां ने संशोधन की मांग इसलिए उठाई पंजाब निवासियों के लिए शस्त्र लाइसेंस के अधिकार क्षेत्र में चंडीगढ़ को भी शामिल किया जा सके। केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे पत्र में कुलतार सिंह ने तर्क दिया कि मौजूदा ढांचा पंजाब के निवासियों को चंडीगढ़ की यात्रा करने या वहां रहने के दौरान अनावश्यक असुविधा देता है।
संधवां ने पत्र में कहा, “मैं शस्त्र अधिनियम में कुछ संशोधनों की आवश्यकता पर प्रकाश डालने के लिए लिख रहा हूँ। मौजूदा नियमों के अनुसार, पंजाब निवासियों को चंडीगढ़ में लाइसेंसी हथियार ले जाने के लिए अलग से अनुमति के लिए आवेदन करना पड़ता है, जिससे अनावश्यक देरी और असुविधा होती है। जब पंजाब निवासी शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं तो उसका अधिकार क्षेत्र केवल पंजाब राज्य तक ही सीमित रहता है।”
पंजाब के निवासियों को हथियार लाइसेंस जारी करते समय चंडीगढ़ को भी शामिल किया जाए
पंजाब विधानसभा अध्यक्ष ने आगे लिखा,“हालांकि, चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है और राज्य का प्रशासनिक केंद्र है। पंजाब के कई निवासी चंडीगढ़ में रहते हैं और अक्सर आधिकारिक और निजी कामों के लिए चंडीगढ़ आते-जाते रहते हैं। पंजाब राज्य के निवासियों को हथियार लाइसेंस जारी करते समय चंडीगढ़ को स्वतः ही क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में शामिल करना तर्कसंगत और व्यावहारिक होगा। मैं गृह मंत्रालय से विनम्र निवेदन करता हूं कि वह संबंधित नियमों में संशोधन करने या संबंधित अधिकारियों को उचित निर्देश/मार्गदर्शन जारी करने पर विचार करे।”
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चंडीगढ़ के लिए अलग शस्त्र लाइसेंस की क्या जरूरत?
कुलतार सिंह संधवां ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा , “इसमें कुछ भी अस्पष्ट नहीं है। स्पीकर का कार्यालय भी अपने आप में एक संस्था है। यह मुद्दा हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि चंडीगढ़ हमारी राजधानी है। हमें अपने लाइसेंसी हथियारों को अपनी राजधानी में ले जाने की अनुमति क्यों नहीं है? यह चंडीगढ़ पर हमारे दावे को ठेस पहुंचाने जैसा है। आखिर हमारे राजनेता और व्यापारी चंडीगढ़ आते हैं। उन्हें चंडीगढ़ के लिए अलग लाइसेंस की आवश्यकता होती है। इस शर्त को समाप्त किया जाना चाहिए।”
संधवां ने आगे कहा, “प्रमुख व्यक्तियों और व्यापारियों को गुंडों से सुरक्षा की जरूरत है। वे अगर चंडीगढ़ जा रहे हैं तो उन्हें आत्मरक्षा के लिए हथियारों की जरूरत होगी लेकिन वे हथियार नहीं ले जा सकते। यही मेरे पत्र लिखने का कारण है।”
