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यूपी: सांप्रदायिक तनाव की वजह से कितनों ने छोड़ा घर, योगी आदित्‍य नाथ सरकार ने मंगवाई रिपोर्ट

उत्‍तर प्रदेश की योगी आदित्‍य नाथ सरकार ने पिछले साल जून में भी पलायन करने वालों को लेकर रिपोर्ट तलब की थी। आंकड़े पर्याप्‍त न पाए जाने पर 29 मार्च को डीजीपी मुख्‍यालय को इस बाबत दोबारा आदेश दिया गया है। विपक्षी समाजवादी पार्टी ने राज्‍य सरकार के इस कदम की आलोचना की है।

Author लखनऊ | April 9, 2018 15:44 pm
उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ। (फाइल फोटो)

उत्‍तर प्रदेश की योगी आदित्‍य नाथ सरकार ने सांप्रदायिक तनाव के चलते हुए पलायन को लेकर महत्‍वपूर्ण निर्देश दिया है। राज्‍य सरकार ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुख्‍यालय से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने से पहले सांप्रदायिक तनाव के चलते अपना घर-बार छोड़ने वालों को लेकर रिपोर्ट तलब की है। मुख्‍यमंत्री ने यह निर्देश ऐसे वक्‍त दिया है, जब कैराना लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा आने वाले कुछ दिनों में होने की संभावना जताई जा रही है। राज्‍य सरकार की ओर से जारी ताजा निर्देश में डीजीपी को सभी जिलों के वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को इस बाबत पत्र लिखकर 28 फरवरी, 2017 से पहले कथित तौर पर पलायन करने वाले लोगों के बारे में जानकारी उपलब्‍ध कराने को कहा गया है। इसमें घर-बार छोड़ने की वजहों का भी उल्‍लेख करने का निर्देश दिया गया है। सभी एसएसपी और एसपी को एक सप्‍ताह के अंदर रिपोर्ट देनी है। योगी सरकार ने इससे पहले 20 जून, 2017 को इसको लेकर आदेश जारी किया था। आंकड़े अपर्याप्‍त पाए जाने पर इस साल 29 मार्च को डीजीपी और डिविजनल कमिश्‍नरों को नए सिरे से निर्देश दिए गए थे। योगी आदित्‍य नाथ ने 19 मार्च, 2017 को मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली थी। विपक्षी समाजवादी पार्टी ने राज्‍य सरकार के फैसले की आलोचना की है।

उत्‍तर प्रदेश गृह विभाग के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट और आम लोगों की भावनाओं से आंकड़ों का मिलान नहीं होने पर नया निर्देश जारी करना पड़ा है। खासकर, पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के मामले में अंतर पाया गया है। इस अधिकारी के अनुसार, एसएसपी और एसपी पहले डीजीपी मुख्‍यालय को विस्‍तृत रिपोर्ट भेजेंगे। रिपोर्ट का अध्‍ययन और सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद इसे राज्‍य सरकार को भेजा जाएगा। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍य गृह सचिव अरविंद कुमार ने स्‍पष्‍ट किया कि राज्‍य सरकार के इस फैसले का कैराना में होने वाले उपचुनाव से कोई संबंध नहीं है। उन्‍होंने कहा, “पलायन की जानकारी को लेकर पहला पत्र पिछले साल जून में भेजा गया था। दूसरा आदेश भी उसी के संदर्भ में भेजा गया है। भाजपा ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए जारी घोषणापत्र में पलायन को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का वादा किया था। उसी वादे पर अमल करते हुए पलायन और उसकी वजहों को लेकर जानकारी तलब की गई है।” भाजपा के दिवंगत सांसद हुकुम सिंह ने दो साल पहले दो सूची जारी की थी, जिसमें शामली जिले के कैराना और कांधला शहरों से पलायन करने वाले हिंदू परिवारों के नाम शामिल थे। इसके पीछे खास समुदाय के आपराधिक तत्‍वों द्वारा वसूली को वजह बताया गया था। सांसद की दोनों सूचियों में कुल 409 हिंदुओं का नाम शामिल था। हालांकि, इस पर काफी विवाद हुआ था।

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