In kolkata four doctors were asked to leave flat for being muslim - डॉक्‍टर का आरोप- मुसलमान होने के चलते पड़ोस‍ियों ने क‍िया परेशान, घर से न‍िकाल रहे मकान माल‍िक - Jansatta
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डॉक्‍टर का आरोप- मुसलमान होने के चलते पड़ोस‍ियों ने क‍िया परेशान, घर से न‍िकाल रहे मकान माल‍िक

मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के चारों पूर्व छात्र राज्य के कई अस्पतालों में हाउस स्टाफशिप कर रहे हैं। इन डॉक्टर्स में से एक ने फेसबुक पर अपनी इस समस्या के बारे में लिखा भी है। चारों डॉक्टर्स ने अपनी समस्या को लेकर एक वॉलनटिअर्स ग्रुप संघाती अभिजान से संपर्क किया है।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में चार डॉक्टरों को मुस्लिम होने के कारण पड़ोसियों द्वारा फ्लैट खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ये चारों डॉक्टर्स कोलाकाता के कुड्डाघाट इलाके में एक फ्लैट में रहते हैं। टीओआई के मुताबिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के चारों पूर्व छात्र राज्य के कई अस्पतालों में हाउस स्टाफशिप कर रहे हैं। इन डॉक्टर्स में से एक ने फेसबुक पर अपनी इस समस्या के बारे में लिखा भी है।

उन्होंने लिखा, ‘…तो आज की सोसायटी में एक बैचलर और मुस्लिम होना बहुत बड़ा अपराध बन गया है। मेरे पड़ोस में रहने वाले अधेड़ उम्र के व्यक्ति हमेशा ही यह शिकायत करते थे कि उनकी सोसायटी में बैचलर लोग नहीं रहना चाहिए, लेकिन अब यह शिकायत एक अजीब ही स्तर पर पहुंच गई है। जब उन्हें ये पता चला कि हम लोग मुस्लिम हैं तब उन्होंने और सोसायटी के कुछ अन्य लोगों ने हमें आतंकवादी कहना शुरू कर दिया और हमें फ्लैट खाली करने का अल्टीमेटम भी दे दिया गया, क्योंकि उनके मुताबिक उस अपार्टमेंट में कोई मुस्लिम नहीं रह सकता।’

रिपोर्ट्स के मुताबिक चारों डॉक्टर्स ने अपनी समस्या को लेकर एक वॉलनटिअर्स ग्रुप संघाती अभिजान से संपर्क किया है। संघाती अभिजान की ओर से द्वाईपयन बनर्जी ने जानकारी दी कि इस मामले में उनके सदस्य एक जनरल डायरी फाइल करेंगे। उन्होंने आगे कहा, ‘हमने इस मामले में पड़ोसियों और सोसायटी के पार्षद से बात करने का फैसला किया है।’ बता दें कि डॉक्टर मोज्तबा हसन, आफताब आलम, सौकत शेख और नासिर शेख ने कुड्डाघाट इलाके में दो महीने पहले ही फ्लैट किराय पर लिया था।

आलम ने अपनी समस्या के बारे में बताया, ‘हमारे मकान मालिक को हमसे कोई समस्या नहीं है, लेकिन शुरुआत से ही हमारे पड़ोसियों को हमारे यहां रहने से दिक्कत हो रही है। सोमवार को स्थिति और भी ज्यादा अजीब हो गई थी, जब हमारा एक दोस्त हमसे मिलने आया था, उससे पड़ोसियों ने आईडी प्रुफ दिखाने को कहा। बहुत से लोगों ने पहले ही हमें हमारे धर्म के कारण घर किराय से देने से मना कर दिया था, बहुत खोजने के बाद हमें यह फ्लैट मिला था।’

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