In Karnataka doctors nurses ambulance drivers and other staff of a government hospital seen playing cards and turned the hospital in a gambling den - सरकारी अस्पताल बना जुए का अड्डा? वीडियो में खेलते दिखे डॉक्टर और नर्स - Jansatta
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सरकारी अस्पताल बना जुए का अड्डा? वीडियो में खेलते दिखे डॉक्टर और नर्स

महाराष्‍ट्र से लगती सीमा के समीप स्‍थि‍त होने के कारण इस अस्‍पताल में मरीजों की भीड़ लगी रहती है। लेकि‍न, डॉक्‍टर समेत अस्‍पताल के अन्‍य कर्मचारी हर दि‍न ताश खेलते देखे जाते हैं।

Author नई दिल्‍ली | January 23, 2018 8:14 AM
आंध्र प्रदेश में मोबाइल की फ्लैश लाइट में डॉक्‍टरों ने सर्जरी की। (प्रतीकात्‍मक फोटो)

कर्नाटक के एक सरकारी अस्‍पताल में चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अस्‍पताल में मरीजों की भीड़ लगी रहती है, लेकि‍न यहां के डॉक्‍टर और नर्स ताश खेलने में मगन रहते हैं। हॉस्‍पि‍टल को जुए के अड्डे में तब्‍दील कर दि‍या गया है। वीडि‍यो फुटेज में डॉक्‍टरों और नर्स को खुलेआम ताश खेलते देखा जा सकता है। यहां तक कि‍ एंबुलेंस के ड्राइवर और अन्‍य कर्मचारी भी इसमें लि‍प्‍त पाए गए हैं। बता दें कि‍ आपात परि‍स्‍थि‍तयों में एंबुलेंस की मदद ली जाती है। अस्‍पताल वि‍जयपुरा में स्‍थि‍त है, जि‍सकी सीमा महाराष्‍ट्र से भी लगती है। शोलापुर और महाराष्‍ट्र के अन्‍य जि‍लों से भी लोग इलाज कराने के लि‍ए इस अस्‍पताल में आते हैं। कर्नाटक सरकार स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में जनता को पर्याप्‍त सुवि‍धाएं देने का दावा करती है, लेकि‍न सरकारी अस्‍पताल कुछ और ही कहानी बयान करती है। सरकारी अस्‍पतालों में देश भर में वैसे ही डॉक्‍टरों का अनुपात बेहद कम है, ऐसे में तैनात स्‍वास्‍थ्‍यकर्मि‍यों की लापरवाही जनता पर भारी पड़ सकती है।

‘टाइम्‍स नाउ’ की रि‍पोर्ट के अनुसार, डॉक्‍टर, नर्स और अन्‍य कर्मचारी प्रति‍दि‍न ताश खेलने में व्‍यस्‍त रहते हैं। लेकि‍न, स्‍थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने इस मामले पर कार्रवाई करने की बात कही है। अस्‍पताल प्रबंधन के लचर रवैये से कर्नाटक के साथ ही महाराष्‍ट्र के आमलोगों को भी परेशानि‍यों का सामना करना पड़ता है। कर्नाटक स्वास्‍थ्‍य मंत्रालय की वेबसाइट पर राज्‍य को सार्वजनि‍क स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र देश का अगुआ राज्‍य बताया गया है। इसके अनुसार, जनता को स्‍वास्‍थ्‍य सुवि‍धाएं मुहैया कराने के लि‍ए व्‍यापक स्‍तर पर कदम उठाए गए हैं। राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय का दावा है कि‍ भारत सरकार द्वारा प्राथमि‍क स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र को अपनाने से पहले ही कर्नाटक में इस दि‍शा में पहल शुरू कर दी गई थी। इसके अनुसार स्‍वास्‍थ्‍य प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति‍ की संपत्‍ति‍ है। सरकारी अस्‍पताल में डॉक्‍टरों की घोर लापरवाही राज्‍य सरकार के मि‍शन और उद्देश्‍यों को पलीता लगा रहे हैं। अब यह देखना होगा कि‍ सि‍द्धारमैया की सरकार इस मामले में दोषी डॉक्‍टरों के खि‍लाफ कार्रवाई करती है कि‍ नहीं।

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