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गुजरात: सूरत स्थानीय चुनावों के लिए AAP ने खूब दिए अमीरों को टिकट, BJP ने 50 करोड़पतियों को उतारा

सूरत के वॉर्ड नंबर 3 से चुनाव लड़ रहे भाजपा के धर्मेशभाई सरासिया सबसे अमीर प्रत्याशी हैं, उनकी कुल संपत्ति 89 करोड़ रुपए के करीब आंकी गई है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र सूरत | Updated: February 20, 2021 9:44 AM
Gujarat, Surat, Civic Body Pollsगुजरात के छह शहरों में 21 फरवरी को होने हैं नगरपालिका चुनाव। (प्रतीकात्मक फोटो)

गुजरात में छह बड़े शहरों में नगर निगमों के चुनाव के लिए प्रचार अभियान शुक्रवार को खत्म हो गया। अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, सूरत, भावनगर और जामनगर में मतदान 21 फरवरी को होना है। चुनाव के लिए मतगणना 23 फरवरी को होगी। सबसे कड़ा मुकाबला सूरत में होने की संभावना है, जहां भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला है। चुनाव के लिए तीनों ही पार्टियों ने कई करोड़पति उम्मीदवारों को मौका देने का फैसला किया है।

चुनाव प्रक्रियाओं पर नजर रखने वाली संस्था एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और गुजरात इलेक्शन वॉच (GEW) ने सूरत के नगर निगम चुनाव में खड़े हो रहे कुल 484 उम्मीदवारों में से 452 उम्मीदवारों की एफिडेविट में दी गई जानकारी का विश्लेषण किया है। इसके मुताबिक, सूरत में सबसे ज्यादा 81 उम्मीदवार करोड़पति हैं। इनमें से 50 अकेले भाजपा के हैं। वहीं कांग्रेस के 13 और आम आदमी पार्टी के 12 प्रत्याशी करोड़पति हैं।

सूरत के वॉर्ड नंबर 3 से चुनाव लड़ रहे भाजपा के धर्मेशभाई सरासिया सबसे अमीर प्रत्याशी हैं, उनकी कुल संपत्ति 89 करोड़ रुपए के करीब आंकी गई है। वहीं, भाजपा की ओर से वॉर्ड नंबर 100 से टिकट पाईं अमिता पटेल 28 करोड़ रुपए के संपत्ति के साथ दूसरे और वॉर्ड नंबर 10 से लड़ने वाले नीलेश पटेल 25 करोड़ की संपत्ति के साथ तीसरे सबसे अमीर प्रत्याशी हैं।

भाजपा प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 3 करोड़ रुपए से ज्यादा: सूरत नगरपालिका के चुनाव में खड़े हो रहे भाजपा प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 3.08 करोड़ है, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 74.12 लाख और आप प्रत्याशियों की 47.11 लाख है। इन दोनों पार्टियों के अलावा शरद पवार की राकांपा ने भी दो करोड़पति प्रत्याशी उतारे हैं। उसके उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 55 लाख रुपए है।

कांग्रेस ने उतारे सबसे ज्यादा आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार: सूरत नें चुनाव लड़ने वाले करीब 42 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 18 प्रत्याशी कांग्रेस से हैं। इसके बाद आठ उम्मीदवार आम आदमी पार्टी और सात भाजपा से हैं। राकांपा के दो प्रत्याशियों पर आपराधिक केस हैं। इन 42 में से 23 पर तो गंभीर अपराधों के केस हैं, जिनमें हत्या की कोशिश जैसे आरोप तक शामिल हैं। ऐसे केस वाले सबसे ज्यादा सात उम्मीदवार कांग्रेस के ही हैं, जबकि भाजपा के छह और आप के पांच उम्मीदवार हैं। राकांपा के दो उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

शिक्षा की बात करें, तो 452 प्रत्याशियों में से पांच अनपढ़ हैं, जबकि 302 ने अपनी शिक्षा का स्तर तीसरी कक्षा से 12वीं तक घोषित किया है। इसके अलावा 103 प्रत्याशी ग्रैजुएट हैं और 15 उम्मीदवारों ने एफिडेविट में अपनी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन नहीं दिखाई है।

स्थानीय चुनावों के लिए सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था: गुजरात के छह बड़े शहरों में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान 43,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। चुनाव के दौरान नियमित यूनिट के 25,000 कर्मियों, होमगार्ड के 15,000 और राज्य रिजर्व पुलिस बल के 3,000 कर्मियों की तैनाती की जाएगी।

23 जनवरी को चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद से पुलिस ने करीब आठ करोड़ रुपये की शराब जब्त की है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पिछले महीने से लेकर अब तक 48,000 से अधिक लाइसेंसधारी शस्त्रों को अस्थायी तौर पर जब्त किया गया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि संवेदनशील मतदान बूथों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती की जाएगी।

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