बिहारः कोरोना वैक्सीन भरने की जगह नर्स ने लगा दिया खाली इंजेक्शन, वीडियो से सामने आई गड़बड़ी, हुई कार्रवाई

बताया गया है कि वैक्सीन लेने वाले युवक को पता ही नहीं चल पाया था कि उसे टीके से भरा इंजेक्शन लगा है या नहीं, लेकिन उसके साथी ने जो वीडियो बनाया, उससे लापरवाही उजागर हो गई।

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बिहार के छपरा में आया वैक्सीनेशन में गड़बड़ी का मामला। (फोटो- वीडियो स्क्रीनग्रैब)

भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर से जंग के बीच वैक्सीन को सबसे बड़ा हथियार करार दिया गया है। हर दिन लाखों की संख्या में लोग टीकाकरण अभियान का हिस्सा भी बन रहे हैं। हालांकि, इस बीच कई राज्यों में टीका देने में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की लापरवाही के मामले भी सामने आ चुके हैं। ऐसा ही एक मामला बिहार के छपरा से भी आया है। यहां एक नर्स का कोरोना वैक्सीन लेने आए युवक को खाली इंजेक्शन लगाने का वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं।

क्या है मामला?: दरअसल, जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें एक नर्स इंजेक्शन को बिना कोरोना वैक्सीन से भरे ही उसे युवक को लगाती दिख रही हैं। इस दौरान सामने खड़े युवक के दोस्त ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। बताया गया है कि वीडियो वायरल करने वाले युवक ने अंजाने में ही इसे रिकॉर्ड कर के डाला था। लेकिन जब लोगों की इस पर नजर पड़ी, तो मामले ने तूल पकड़ लिया।

इस घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी नर्स को हटा दिया है। इसके साथ ही उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। हालांकि, नर्स का कहना है कि यह सिर्फ मानवीय चूक थी। उधर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस घटना के कारण परेशानी झेलने वाले युवक को फिर से बुलाकर वैक्सीन की पहली डोज दी जाएगी। प्रशासन ने छानबीन के बाद ब्रह्मपुर के रहने वाले युवक को खोज लिया और उसे पूरी जानकारी दी।

पहले भी सामने आ चुकी हैं लापरवाही की घटनाएं: बिहार में कोरोना वैक्सीन देने में लापरवाही का ये कोई पहला मामला नहीं है। पिछले हफ्ते ही पटना में एक 63 साल की महिला को नर्स ने 5 मिनट के अंतराल पर कोविड-19 की दो अलग-अलग वैक्सीन दे दी थीं। दरअसल, केंद्र में कोविशील्ड और कोवैक्सिन दोनों ही डोज लगाई जा रही थीं। ऐसे में महिला को पहले रजिस्ट्रेशन कराने के बाद लाइन में कोविशील्ड दी गई और फिर पांच मिनट का इंतजार करने के लिए कह कर दूसरी जगह बिठाया गया, जहां उसे दूसरी डोज लगा दी गई।