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वायरल वीडियो में दावा- नीतीश के नालंदा में शौचालय में पोती के साथ रहने को मजबूर बुजुर्ग अम्मा; पर मंत्री बोले- जांच में झूठ निकली पूरी बात

जहां बुजुर्ग महिला के घर के पास रहने वाले एक समाज सेवक का कहना है कि बीडीओ ने उनके आवास के लिए सुनवाई नहीं की, वहीं जिलाधिकारी ने कहा कि वृद्धा के शौचालय में रहने की बात ही सर्वथा गलत है।

वायरल वीडियो में महिला को अपनी पोती के साथ एक टॉयलेट में रहते देखा जा सकता है। (फोटो- वीडियो स्क्रीनग्रैब)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा के मकरौता पंचायत अंतर्गत दिरीपर गांव के बार्ड नम्बर 3 में एक गरीब वृद्ध महिला का पोती के साथ शौचालय में रहने को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि वृद्धा ने शौचालय में ही खाना बनाने के बर्तन से लेकर रहने तक के सारे इंतजाम किए हैं। हालांकि, राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने इस पूरे मामले को ‘फेक’ (फर्जी) बताया है।

गांव के रहने वाले एक समाज सेवक सुनील कुमार ने एक मीडिया समूह को बातचीत में बताया कि 2017 में आवास में वृद्धा का नाम आया था। लेकिन पूर्व में जो आवास पर्यवेक्षक थे, उन्होंने राशि का मांग किया। जब शौचालय में गुजर-बसर कर रही वृद्धा राशि नहीं दे पाई, तो दो बार नाम आने के बावजूद उन्हें घर नहीं मिल पाया। बाद में उनका नाम डेटा से हटा दिया गया। उनके घर में कोई पुरुष नहीं हैं। सिर्फ 75 साल की बुजुर्ग और उनकी पोती साथ रहती हैं। कुमार ने कहा कि तीन बीडीओ साहब आए, लेकिन ऐसे गरीबों का कोई ध्यान नहीं दिया जाता। सिर्फ मोटा रकम देने वालों का ध्यान दिया जाता है।

हालांकि, इस पर नीतीश के विश्वासपात्र एवं जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने गुरुवार को ट्वीट करके कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल करके अफवाह फैलाई जा रही थी कि एक बुजुर्ग महिला अपनी पोती के साथ शौचालय में रह रही है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जिला पदाधिकारी, नालंदा द्वारा कराए गये स्थल निरीक्षण में पता चला है कि उक्त महिला कौशल्या देवी शौचालय के बगल में एक झोपड़ी में रहती है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘कौशल्या देवी की एक पोती के अलावा परिवार का कोई अन्य सदस्य साथ में नहीं रहता है। महिला को वृद्धावस्था पेंशन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का अनाज मिलता है। वृद्धा को भोजन की समस्या नहीं है। जिला प्रशासन द्वारा महिला की झोपड़ी का जीर्णोद्धार और उससे लगती गली को पक्का करवाया जायेगा।’’ नालंदा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि हिलसा के अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा जांचोपरान्त भेजे गए में प्रतिवेदन में कहा गया है कि दिवंगत शिवनन्दन महतो की पत्नी कौशल्या देवी के चार पुत्र हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उनके बड़े बेटे अनिल प्रसाद सपरिवार दिल्ली में रहते हैं और निजी नौकरी करते हैं। दूसरे बेटे सुधीर कुमार की मृत्यु हो चुकी है। तीसरे बेटे रामधीन प्रसाद सपरिवार हिलसा में रहते हैं और साइकिल मरम्मत का कार्य करते हैं। चौथे पुत्र सतीश प्रसाद जिनकी मृत्यु 08-10 साल पहले हो गई थी और कुछ समय बाद इनकी पत्नी जो विक्षिप्त बताई गई हैं, लापता हैं। उक्त दम्पति की एक बेटी लगभग 10 वर्ष की है, जो वृद्धा कौशल्या देवी के साथ रहती है। बड़े लड़के पिछले 15 वर्षों से गांव नहीं आये हैं एवं इनका वृद्धा से कोई संपर्क नहीं है।’’

नालंदा के जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान वृद्धा कौशल्या देवी शौचालय से सटे पुराने करकट से बने एक छोटे से कमरे में अपनी पोती के साथ मिलीं। उन्होंने बताया कि शौचालय में रहने संबंधी समाचार जांच के क्रम में सत्य नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि वृद्धा कौशल्या देवी को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन मिलता रहा है एवं खाने.पीने की तकलीफ नहीं है और उन्हें वृद्धा पेंशन भी मिलती है।

उन्होंने बताया कि वृद्ध महिला के तीसरे पुत्र रामधीन प्रसाद ने बताया गया कि वे अत्यंत गरीब हैं एवं पैर से लाचार हैं। उन्होंने बताया कि वे हिलसा में कस्तूरबा विद्यालय के समीप साइकिल मरम्मत की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रसाद ने अपनी मां को अपने साथ रहने के लिए कहा लेकिन उन्होंने साथ रहने से इनकार किया।

नालंदा के जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘निरीक्षण के दौरान शौचालय में रहने एवं खाने की बात सर्वथा गलत पाई गई। फिर भी वृद्धा की गरीबी को देखते हुए तत्काल वृद्धा के झोपड़ीनूमा कमरे की छत, दीवार एवं फर्श का जीर्णोद्धार कराने के लिए करायपरसुराय के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है।

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