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कोरोना कर्फ्यू के दौरान दुकान खोलने वाले शख्स की पुलिस कस्टडी में मौत, न्याय दिलाने के लिए प्रतिबंध तोड़कर उतर आए सैकड़ों लोग

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दुकानदार ने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र गुवाहाटी | Updated: June 19, 2021 4:55 PM
असम पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को वापस लौटाया। (फाइल फोटो- AP)

असम के कछार जिले में कोविड-19 महामारी को रोकने लिए लगाए गए कर्फ्यू का पालन न करना एक दुकानदार के लिए घातक साबित हो गया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने और कस्टडी में रखे जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया गया है कि पुलिस की सख्ती से दुकानदार की जान जाने का विरोध करते हुए शनिवार को 500 लोग प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतर आए। इन लोगों ने दुकानदार की मौत के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुलिस के गिरफ्तार करने के बाद की थी सांस में तकलीफ की शिकायत: पुलिस ने बताया कि रोंगपुर पुलिस थाने के कोराटीग्राम इलाके में किराना दुकान मालिक को कर्फ्यू के दौरान दुकान खोलने के आरोप में शुक्रवार को एक ग्राहक के साथ गिरफ्तार किया गया था। पचास वर्षीय दुकानदार बाबुल बानिक ने पुलिस हिरासत में सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। इसके बाद उन्हें सिलचर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें सिलचर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें वहां मृत घोषित कर दिया।

पुलिस हिरासत में रखे जाने के बाद दुकानदार की मौत को लेकर 500 से ज्यादा लोग कर्फ़्यू नियमों का उल्लंघन करते हुए सड़क पर निकल आए। इन लोगों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और उनकी तत्काल गिरफ़्तारी की मांग की। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर दुकानदार को हिरासत में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।

एक साथ सैकड़ों लोगों के इकट्ठा होने के मामले पर कछार के पुलिस अधीक्षक वी सी चंद्रकांत समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और भीड़ को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ज़रूरी कार्रवाई किये जाने का आश्वासन दिया।

पत्नी बोलीं- नहीं थी कोई बीमारी: दूसरी ओर पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद जान गंवाने वाले बाबुल बानिक की पत्नी ने दावा किया कि वह किसी भी बीमारी से पीड़ित नहीं थे। उन्होंने बताया कि कर्फ़्यू के दौरान उनके पति ने दुकान नहीं खोली थी, बल्कि परिवार के लिए शक्कर लाने गए थे। पुलिस ने बताया कि इलाके में स्थिति तनावपूर्ण रही, मगर अब नियंत्रण में है।

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