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Happy Hanuman Jayanti 2019: संन्यास लेना चाहते थे स्टीव जॉब्स, हनुमान जी के मंदिर आने के बाद खड़ी की Apple

Happy Hanuman Jayanti 2019: बताया जाता है कि एप्पल की शुरुआत करने वाले स्टीव जॉब्स भारत के एक हनुमान मंदिर गए थे। जिसके बाद उनकी लाइफ बदल गई।

स्टीव जॉब्स, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

Hanuman Jayanti 2019: शुक्रवार को पूरे देश में हनुमान जयंती की धूम जारी है। ऐसे में आपको बताते हैं एक ऐसा किस्सा जो न हुआ होता तो आज शायद एप्पल कंपनी दुनिया में इस मुकाम पर नहीं होती। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एप्पल की शुरुआत करने वाले स्टीव जॉब्स भारत के एक हनुमान मंदिर गए थे। जिसके बाद उनकी लाइफ बदल गई।

इस मंदिर से मिली सन्यास सी प्रेरणा: दरअसल स्टीव जॉब्स 1973 में भारत आए थे। अपनी लाइफ से परेशान स्टीव जाब्स सन्यास लेने की इच्छा से भारत आए थे। लेकिन उत्तराखंड के करोली बाबा के मंदिर पहुंचते ही उनकी लाइफ ही बदल गई। बता दें कि स्टीव जॉब्स भारत अपने एक दोस्त डैन के साथ आए थे। ये दोनों ही करोली बाबा से मिलने आए थे लेकिन जब तक वो यहां पहुंचे तब तक उनका देहांत हो चुका था। बावजूद इसके वो मंदिर पहुंचे और ध्यान-योग किया और उस ही वक्त उन्हें एप्पल का आइडिया आया।

कौन हैं नीम करौली बाबा: बता दें कि नीम करौली बाबा का मंदिर देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में स्थित है। नैनीताल से 65 किलोमीटर दूर कैंची में नीम करौली बाबा का आश्रम है। बताया जाता है कि बाबा का निधन 11 सितंबर 1973 को हुआ था, लेकिन आज भी बाबा के मंदिर पर श्रद्धालु रहते हैं। आश्रम पहाड़ी इलाके में देवदार के पेड़ों के बीच है। यहां 5 देवी-देवताओं के मंदिर है, जिसमें एक हनुमान जी का भी एक मंदिर है। भक्तों का मानना है कि बाबा हनुमान जी के ही अवतार थे।

मार्क जुकरबर्ग को दी सलाह: करौली बाबा से स्टीव जॉब्स इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मार्क जुकरबर्ग को भी मंदिर जाने की सलाह दे दी। वहीं 2004 में मार्क जुकरबर्ग भी इस मंदिर पहुंचे थे।

 

पीएम मोदी से मुलाकात में मार्क जुकरबर्ग ने किया जिक्र: दरअसल 2015 में पीएम नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग से मुलाकात की थी। इस दौरान जुकरबर्ग ने नीम करौली बाबा का जिक्र किया। मार्क ने बताया कि इस मंदिर में जाने के लिए उन्हें ऐप्पल के को- फाउंडर स्टीव जॉब्स ने कहा था। हालांकि मार्क ने मंदिर का नाम नहीं बताया, लेकिन खबरों के मुताबिक यह मंदिर नीम करौली बाबा का ही मंदिर था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जुकरबर्ग से पहले स्टीव जॉब्स भी इस मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।

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