Bihar Politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने के फैसले पर अडिग हैं। वो उच्च सदन के लिए अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। जनता दल यूनाइटेड के सुप्रीमो नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग में कई विधायकों ने उनके फैसले पर निराशा जाहिर की। नीतीश कुमार से कुछ विधायकों ने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने विधायकों को आश्वासन दिया कि वे राज्य के मामलों में सक्रिय रूप से शामिल रहेंगे।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कथित तौर पर पार्टी नेताओं से कहा, “मैं राज्यसभा जा रहा हूं, लेकिन मैं बिहार ही आऊंगा। आपको कोई परेशानी नहीं होगी। चिंता मत कीजिए। मैं हर चीज पर नजर रखूंगा। हमने बहुत काम किया है। मैं सबका ख्याल रखूंगा।”

नीतीश कुमार ने तो सारा खेल ही खत्म कर दिया- विनय चौधरी

मीटिंग के बाद बाहर आए विधायक विनय चौधरी ने आखों में आंसू भरकर कहा कि उन्होंने (नीतीश कुमार) ने तो सारा खेल ही खत्म कर दिया। विनय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम लोगों ने मनाने का बहुत प्रयास किया लेकिन वे माने ही नहीं। विजेंदर बाबू ने हम लोगों की भावना को बहुत ही दृढ़ता के साथ में रखा। हम लोग बिना नीतीश के निशांत को नहीं चाहते थे। हम लोग तो नीतीश के साथ निशांत को चाहते थे।”

जनता दल यूनाइटेड ने शुक्रवार को घोषणा की कि निशांत कुमार 8 मार्च को भव्य राजनीतिक पदार्पण के साथ पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं । वहीं, उनके पिता नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्यसभा में जाने और बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का उनका निर्णय उनका अपना है और इसे बदला नहीं जा सकता।

संजय झा ने पेश किया अभिनंदन प्रस्ताव

नीतीश के आधिकारिक आवास पर हुई जेडीयू की एक महत्वपूर्ण बैठक में, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत के राजनीति में प्रवेश का अभिनंदन करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया। निशांत पहले राजनीति में आने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन अपने पिता, पार्टी समर्थकों और परिवार के अन्य सदस्यों से चर्चा के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने बताया, “प्रस्ताव को सभी एमएलसी और विधायकों ने सर्वसम्मति से पारित किया और बाद में संजय झा ने इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा की।”

निशांत को बनाया जा सकता है उपमुख्यमंत्री

ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि झारखंड के इंजीनियरिंग संस्थान बीआईटी मेसरा के पूर्व छात्र और कम चर्चित निशांत को नई एनडीए सरकार में उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया जा सकता है या नीतीश के दिल्ली चले जाने की स्थिति में नेतृत्व के शून्य को रोकने के लिए उन्हें कोई महत्वपूर्ण संगठनात्मक भूमिका सौंपी जा सकती है। यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि नीतीश ने लंबे समय से वंशवादी राजनीति का कड़ा विरोध किया है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने कहा, “मुख्यमंत्री ने निशांत के प्रवेश को हरी झंडी दे दी है।”

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नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा नामांकन किए जाने से जनता दल (यूनाइटेड) के एक धड़े में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को भी पटना में जदयू कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और पोस्टर भी चिपकाए। पढ़ें पूरी खबर…