उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में अवैध रूप से बनाई गई मस्जिद को प्रशासन ने शनिवार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। सदर क्षेत्र के एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि यह मस्जिद जिले की सदर तहसील के भोजीपुरा थाना क्षेत्र में पिपरिया गांव में थी।

राजस्व अभिलेखों में श्रेणी-5 की सरकारी बंजर भूमि पर यह मस्जिद बनी हुई थी। इस जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा किया गया था।

एसडीएम ने बताया कि प्रशासन ने यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर की है। अवैध ढांचे को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया गया है। एसडीएम ने बताया कि इस जमीन को लेकर कानूनी विवाद साल 2008 से चल रहा था।

भाजपा का मास्टरस्ट्रोक: कुर्मी वोटों के लिए सपा के पूर्व सांसद से बैकडोर मीटिंग

अदालत ने खारिज कर दिया मुकदमा

एसडीएम ने बताया कि सबसे पहले तहसीलदार अदालत ने इस निर्माण को अवैध मानते हुए बेदखली के आदेश पारित किए थे। इसके बाद दूसरा पक्ष राहत के लिए दीवानी अदालत गया लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली और उनका मुकदमा खारिज कर दिया गया। जैसे ही अदालत की बाधाएं दूर हुईं, प्रशासन ने पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।

एसडीएम ने बताया कि ग्राम पिपरिया में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध निर्माण मिला था। कोर्ट का निर्देश मिलने के बाद संबंधित पक्ष को जगह खाली करने के लिए नोटिस जारी किए गए लेकिन उस पक्ष ने इस आदेश को नहीं माना। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

मस्जिद पक्ष की ओर से मोहम्मद उमर का कहना है कि मस्जिद-ए-आला हजरत लगभग 50 साल पुरानी थी और बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोजर से इसे गिरा दिया गया।

‘घूसखोर पंडत’ से पहले मायावती ने इस फिल्म के खिलाफ खोला था मोर्चा

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

एसडीएम ने कहा कि करीब 300 वर्ग गज जमीन मुक्त हुई। कार्रवाई के दौरान एसडीएम ने बताया कि बेदखली की प्रक्रिया के तहत कब्जा करने वाले पक्ष पर जुर्माना भी लगाया गया था। करीब 300 वर्ग गज में फैली इस मस्जिद को गिराने के दौरान गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवानों ने पूरे इलाके को घेरे रखा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अवैध कब्जा

अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मस्जिद को जमींदोज करने के बाद उसके मलबे को भी बुलडोजर से हटाया गया। मलबे को ट्रॉलियों में भरकर ले जाया गया।

यह भी पढ़ें- मायावती का योगी सरकार पर हमला