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गरीब बच्चों को फ्री में पढ़ाता था IIT Roorkee का छात्र, राष्ट्रपति ने दिया गोल्ड मेडल

रुड़की में गरीब बच्चों को फ्री में पढ़ाने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने एक छात्र को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया है। यह सम्मान छात्र को 9वें वार्षिक दीक्षांत समारोह के दौरान दिया गया है।

Author रुड़की | October 5, 2019 2:03 PM
iitआईआईटी रुड़की (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

उत्तराखंड के रुड़की में गरीब बच्चों को फ्री में पढ़ाने वाले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के एक छात्र को राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने स्वर्ण पदक से सम्मानित किया है। इस छात्र का नाम है अनंत वशिष्ठ है। बता दें कि युवा नेतृत्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति ने उन्हें सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें शुक्रवार (04 सितंबर) को मिला है। गौरतलब है कि इस साल बीटेक करने वाले 22 वर्षीय छात्र ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) के जरिए प्रवेश पाने वाले छात्रों में युवा नेतृत्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित डॉ. जयकृष्ण स्वर्ण पदक भी जीता है।

19वें वार्षिक दीक्षांत समारोह के दौरान हुए सम्मानितः बता दें कि अनंत वशिष्ठ रुड़की के पास स्थित एक गांव के वंचित बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाते थे। राष्ट्रपति कोविन्द ने उन्हें आईआईटी रुड़की के 19वें वार्षिक दीक्षांत समारोह के दौरान इस पदक से सम्मानित किया है। इस दौरान आठ अन्य छात्रों को भी पुरस्कृत किया गया है।

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2015 से बढ़ा रहें हैं बच्चों कोः अनंत वशिष्ठ इस समय गुरुग्राम में मास्टर कार्ड में काम करते हैं। मामले में वशिष्ठ ने कहा कि उन्होंने अपने मित्रों के साथ 2015 से लेकर इस साल तक, हर शनिवार और रविवार उन्होंने बच्चों को पढ़ाया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे एक तंबू, ब्लैकबोर्ड, चॉक और कुछ कुर्सियों की व्यवस्था की। इसके बाद वह कॉलेज से लगभग आठ किलोमीटर दूर स्थित गांव में बच्चों को पढ़ाने जाने लगे।

विदेश में पढ़ना चाहते हैं वशिष्ठः वशिष्ठ ने भाषा से बात करते हुए कहा, ‘शुरू में मेरे लिए गांव के लोगों को यह समझाना एक चुनौती था कि वे अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजें, क्योंकि वे किसी बाहरी व्यक्ति पर विश्वास नहीं करते थे। हालांकि, धीरे-धीरे उन्हें मेरे इरादे का पता चला और पांच बच्चों से शुरू हुई कक्षा 15-20 बच्चों तक पहुंच गई।’ अपनी भविष्य की योजना के बारे में बात करते हुए वशिष्ठ ने कहा, ‘मैं उच्च शिक्षा अध्ययन के लिए अमेरिका स्थित मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में दाखिला लेने पर ध्यान दे रहा हूं। इसके बाद मैं अपने देश की सेवा करूंगा जो मेरा अंतिम लक्ष्य है।’

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