ताज़ा खबर
 

IIT Bombay के रिसर्चरों ने बनाया अनोखा स्मार्टफोन, नकली नोट पहचानेगा और बीमारी की भी देगा जानकारी

आईआईटी-बॉम्बे के रिसर्चरों ने एक अनोखा स्मार्टफोन लेंस ईजाद किया है। इस लेंस की मदद से नोटों की पहचान की जा सकेगी। साथ ही उन चीजों को भी देखा जा सकता है जो हम खुली आंखों से नहीं देख सकते।

प्रतीकात्मक तस्वीर फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

आईआईटी-बॉम्बे के रिसर्चरों ने एक ऐसा ‘स्मार्टफोन माइक्रोस्कोप’ बनाया है है जो नकली नोटों की पहचान करने, स्लाइड पर रक्त कोशिकाओं का अध्ययन करने या यहां तक ​​कि पानी में दूषित पदार्थों की जांच करने में भी मदद कर सकता है। इस फेब्रिकेटिड लेंस को केवल स्मार्टफोन के कैमरे के ऊपर रखना होता है और उन चीजों को आसानी से देखा जा सकता है जो नग्न आंखों से देख पाना संभव नहीं है।

इस विभाग के प्रोफेसरों ने की मददः लेंस को भुवनेश्वरी करुणाकरण ने अपने पीएचडी रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत बनाया है। भुवनेश्वरी ने आईआईटी-बी में बायोसाइंसेज और बायोइंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसरों सौम्यो मुखर्जी और देबजनी पॉल के मार्गदर्शन में अपना पीएचडी प्रोजेक्ट बनाया है।

National Hindi News, 17 May 2019 LIVE Updates: दिनभर की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

सिलिकॉन इलास्टोमर का किया गया इस्तेमालः लेंस बनाने के लिए पॉलीडिमेथिलसिलॉक्सेन (पीडीएमएस) नामक एक सिलिकॉन इलास्टोमर का इस्तेमाल किया। एक इलास्टोमेर में विसोइलास्टिसिटी तत्व होते हैं। रिसर्चरों द्वारा बनाए गए छोटे लेंस का मलेरिया का पता लगाने, एंडोस्कोपी, डेंटल टेस्ट आदि में इस्तेमाल किया जा सकता है।रिसचर्स द्वारा इस्तेमाल की गई तकनीक जर्नल ऑफ बायोमेडिकल ऑप्टिक्स में प्रकाशित हुई थी।

महंगे हैं लेंसः फेब्रिकेटिड लेंस बनाने के पारंपरिक तरीके महंगे हैं क्योंकि उन्हें श्रम और महंगे उपकरणों की जरूरत होती है। इन माइक्रोस्कोपों की मदद से साइज में लगभग 1.5 माइक्रोन की वस्तुओं को देखा जा सकता है।

कई तरीकों से किया जा सकता है इस्तेमालः आईआईटी-बी में प्रोफेसर मुखर्जी ने कहा कि इन छोटे लेंसों को कई तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘ पानी में दूषित पदार्थों से लेकर करेंसी नोट के ऊपर माइक्रो फीचर तक सब कुछ इस लेंस की मदद से देखा जा सकता है। करुणाकरण ने कहा कि इन लेंसों का इस्तेमाल एंडोस्कोपी और स्पर्म काउंट के लिए भी किया जा सकता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App