राम मंदिर दान मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। अब ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने दावा किया है कि अगर वक्फ संपत्तियों की सही से जांच करवा दी जाए तो लोग राम मंदिर दान मामला भूल जाएंगे। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों से सही जांच होने पर अरबों-खरबों का घोटाला सामने आएगा।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि उन्होंने सुन्नी और शिया वक्फ बोर्डों की जांच के लिए योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगया कि समाजवादी पार्टी की सत्ता के दौरान उसके सदस्यों ने वक्फ की जमीनों को बर्बाद कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के चारों कार्यकाल के दौरान आजम खान के पास लगातार अल्पसंख्यक मामलों और वक्फ का विभाग रहा। उन्होंने अपने ही साथियों को चेयरमैन और सदस्य नियुक्त किया। इन सदस्यों और अधिकारियों ने जमीन माफिया और बिल्डरों के साथ मिलकर करोड़ों की जमीन बहुत कम कीमत पर बेच दी।
शिया धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास ने भी की जांच की मांग
शिया धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास ने भी वक्फ बोर्ड में जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पता नहीं क्यों सरकार जांच की मांग के बाद भी जांच क्यों नहीं करवा रही है।
उन्होंने कहा, “हमने लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि वक्फ बोर्ड की जांच हो, क्योंकि वक्फ बोर्ड के कामकाज में कई कमियां हैं। यह कोई नई मांग नहीं है, हम बरसों से यह मांग उठा रहे हैं कि वक्फ बोर्ड में गड़बड़ियां हो रही हैं। वहां जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं और इसी तरह कुछ जमीनें सरकार के कब्जे में भी हैं।”
सैयद सैफ अब्बास ने आगे कहा कि पारदर्शिता से जांच होनी चाहिए और जांच में जो भी दोषी निकलकर सामने आए, उस पर एक्शन होना चाहिए। दोषियों पर किसी भी तरह की कोई रियायत नहीं दी जानी चाहिए।
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सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने इस मामले में जांच के अनुरोध वाली याचिकाओं पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
