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ताज महल पर कोर्ट का फैसला सबने स्वीकार किया तो ज्ञानवापी पर तलवार लेकर क्यों खड़े हो? अराजकता करोगे तो भरपूर इलाज होगा, बोले शलभ मणि त्रिपाठी

शलभमणि त्रिपाठी ने कहा कि ये वही लोग हैं, जो कहते हैं हम कानून पर भरोसा करते हैं। ये वही लोग हैं, जो कहते थे 20 मिनट के लिए पुलिस हटा लीजिए।

Shalabhmani Tripath | Gyanvapi Masjid|Varanasi
शलभमणि त्रिपाठी (Photo Credit- Facebook-Shalabh maniTripath)।

ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर माहौल गर्म हो गया है। ओवैसी भाइयों के भड़काऊ भाषण पर जवाब देते हुए बीजेपी प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी ने कहा कि यह नया भारत है, आराजकता फैलाई तो इलाज कर दिया जाएगा।बीजेपी प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी ने कहा कि मुझे दो तस्वीरें याद आती हैं, जो छोटे ओवैसी हैं ये लगातार नफरत फैलाने का काम करते थे। उन्होंने कहा एक दिन वो भी था, जब ये फूट-फूट कर रो रहे थे, कि हाय अल्लाह बचाओ हमें, हाय अल्लाह बचाओ हमें। तो देश की जनता ने इनका ऐसा इलाज किया कि ये जो नफरती भाषा बोलने वाले लोग हैं, वो फूट-फूट कर रोने की स्थिति में आ गये, कल्पने की स्थिति में आ गये, गुहार लगाने की स्थिति में आ गये। ये इसी तरह से बोलते रहें, देश की जनता इनका हिसाब देगी।

शलभमणि त्रिपाठी ने कहा कि ये वही लोग हैं जो कहते हैं हम कानून पर भरोसा करते हैं, ये वही तो हैं जो कहते थे 20 मिनट के लिए पुलिस हटा लो फिर देखो क्या होता है। अरे 20 मिनट के लिए नहीं एक घंटे लिए पुलिस हटा लो, फिर देखें क्या होता है। ये नया हिंदुस्तान है। एक घंटे के लिए पुलिस भी हट जाएगी, और तुम कुछ नहीं कर पाओगे। गलतफहमी में मत रहिए। उन्होंने कहा कि यहां घंटो के लिए पुलिस भी हट जाएगी और आप कुछ नहीं कर पाएंगे। और वही इलाज होगा, जो दिल्ली में इलाज हुआ।

उन्होंने कहा कि अभी देखिये दिल्ली में जो आम आदमी पार्टी के अराजक विधायक थे, देखो उनका क्या इलाज हुआ। उन्होंने कहा जो अराजकता करने का प्रयास करेगा, उसका भरपूर इलाज होगा, फिर चाहे वो हिंदुस्तान के किसी भी कोने में हो। उन्होंने कहा कि आगरा मामले पर जो फैसला आया उसको सभी ने स्वीकार कर लिया, लेकिन ज्ञानवापी पर कोर्ट के फैसले पर तलवारें खींच जाती हैं।

वहीं असदुद्दीन ओवैसी ने एक टीवी चैनल से खास बात करते हुए कहा कि देश किस रास्ते पर जा रहा है। कुतुबमीनार में आप चले जाते हैं। क्या आप अपनी विचारधारा के नाम पर संविधान को रौंद देंगे। कल मैं कहूंग कि प्रधानमंत्री के घर के नीचे मेरी मस्जिद है, तो क्या आप खोदने देंगे। देश 1991 के एक्ट के तहत चलेगा देश कानून से चलेगा या आस्था से चलेगा? ज्ञानवापी मस्जिद मामले का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि कोर्ट का आदेश 1991 के फैसले का उल्लंघन है. फैसले के खिलाफ मस्जिद की कमेटी और पर्सनल लॉ बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए.

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