If law permits me, then I have no problem with Sidhu working on TV: CM Amarinder Singh - Jansatta
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कानून इजाजत देता है तो मुझे सिद्धू के टीवी पर काम करने से कोई दिक्कत नहीं: सीएम अमरिंदर सिंह

अमरिंदर ने कहा कि हितों के टकराव की स्थिति में वह सिद्धू का संस्कृति विभाग बदल सकते हैं।सिद्धू पंजाब में मंत्री रहने के बाद भी टेलीविजन सीरियल पर काम करने को लेकर विवादों के केंद्र में हैं।

Author नयी दिल्ली | March 23, 2017 6:36 AM
प्रतीकात्मक चित्र

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने आज कहा कि यदि कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधान इजाजत देते हैं तो नवजोत सिंह सिद्धू के टेलीविजन पर काम करने से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अटॉनी जनरल का सुझाव इसके खिलाफ है। अमरिंदर ने कहा कि हितों के टकराव की स्थिति में वह सिद्धू का संस्कृति विभाग बदल सकते हैं।सिद्धू पंजाब में मंत्री रहने के बाद भी टेलीविजन सीरियल पर काम करने को लेकर विवादों के केंद्र में हैं। उन्होंने यह कहते हुए अपना टीवी सीरियल जारी रखने की इच्छा प्रकट की है कि उन्हें अपनी जीविका उपार्जित करनी है। सिंह से जब उनके इन मंत्रिमंडलीय सहयोगी की शुचिता के मुद्दे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, मैं संवैधानिक स्थिति नहीं जानता।

हमने पंजाब के महाधिवक्ता से राय मांगी है। उन्होंने अबतक फाइल नहीं देखी है। सिद्धू एक वरिष्ठ एवं प्रतिभाशील व्यक्ति हैं। प्रश्न यह है कि क्या टेलीविजन शो जारी रखना उनके लिए उपयुक्त है, उन्होंने भी कुछ विशेषज्ञों से राय ली होगी।
उन्होंने कहा, ह्यह्ययदि यह संभव है तो हमें आपत्ति नहीं है। सिद्धू जैसा चाहते हैं, वैसा कर कमाई कर सकते हैं। लेकिन वह संस्कृति मंत्री भी हैं, ऐसे में हमें उनका विभाग बदलना पड़ सकता है।

अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि संविधान में निजी व्यवसाय को लेकर किसी विधायक या मंत्री को अयोग्य घोषित किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है लेकिन कुछ नैतिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसके अनुसार एक लोक सेवक को किसी भी व्यावसायिक गतिविधि से खुद को अलग रखना चाहिए।
अटॉर्नी जनरल रोहतगी ने कहा, निसंदेह रूप से सिद्धू एक विधायक भी हैं और एक मंत्री भी हैं। मंत्री की तरह विधायक का पद भी लाभ का पद है। लेकिन ऐसा कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है, जिसके अंतर्गत निजी व्यवसाय के लिए किसी विधायक…मंत्री को अयोग्य ठहराया जाए। कानूनी रूप से इसमें कोई बाधा नहीं है।

उन्होंने कहा, हालांकि इसमें नैतिक पहलू भी है। पद बड़ा हो तो जिम्मेदारी भी बड़ी हो जाती है। आप यह कहते हैं कि आप सुबह दस से शाम के छह बजे तक लोक सेवक हैं और शाम के छह बजे से सुबह के आठ बजे तक लोक सेवक नहीं है। लोकतंत्र इसका समर्थन नहीं करता।
रोहतगी ने कहा कि आचार संहिता स्पष्ट तौर पर आपसे किसी भी तरह के वाणिज्यिक कारोबार से खुद को अलग होने को कहता है।
सिद्धू ने कहा कि उन्हें लोकप्रिय हास्य कलाकार कपिल शर्मा के शो में अपनी भूमिका जारी रखने में कुछ गलत नजर नहीं आता, वह शिअद नेता सुखबीर सिंह बादल की तरह ट्रांसपोर्टर नहीं हो सकते हैं, वह अपना परिवार चलाने के लिए टीवी शो करते हैं।
अमरिंदर सिंह मंत्रिमंडल में स्थानीय निकाय मंत्री सिद्धू ने कहा, ह्यह्यमैं पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल की तरह ट्रांसपोर्टर नहीं हो सकता। मैं पैसे बनाने के लिए भ्रष्ट नहीं हो सकता। मैं अपने लोगों को धोखा नहीं दे सकता। मैं अपना परिवार चलाने और खर्चों को पूरा करने के वास्ते पैसा कमाने के लिए टीवी शो करता हूं।

सिद्धू ने कहा, क्या मैं सुखबीर सिंह बादल की तरह बस सेवा चलाउ? या भ्रष्टाचार में लग जाउ? यदि महीने में चार दिन काम करता हूं वह भी शाम सात बजे से सुबह छह बजे तक तो लोगों को पेटदर्द क्यों हो रहा है?
हालांकि जब उन्हें अमरिंदर की आपत्ति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सावधानी से जवाब दिया, बॉस हमेशा सही होता है।
परेशान नजर आ रहे कांग्रेस नेता ने कहा कि जो लोग एतराज कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि राजनीति उनका जुनून है न कि पेशा।
सिद्धू ने अमृतसर में संवाददाताओं से कहा, मेरे मतदाताओं को मेरे टीवी शो से कोई दिक्कत नहीं है। उनके प्रेम एवं आशीर्वाद से ही मैं और मेरी पत्नी छह चुनाव जीते हैं… मैं समझ नहीं पाता कि मेरे टीवी शो पर होने से किसी के पेट में दर्द क्यों है।
उन्होंने सवाल किया, ह्यह्यशाम सात बजे से सुबह छह बजे तक मैं क्या करता हूं यह किसी को जानने का हक नहीं है। मैं पहले ही टीवी शो से जुड़ा अपना 75 फीसदी काम छोड़ दिया है, आईपीएल रोक दिया है, ऐसे में वे और क्या चाहते हैं? क्या मैं कमाना छोड़ दूं?

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